मरीज के बयान पर विवाद: मृत्यु पूर्व बयान को तहसीलदार ने फाड़ा, डयूटी डॉक्टर ने प्रभारी सिविल सर्जन से की शिकायत

मरीज के बयान पर विवाद: मृत्यु पूर्व बयान को तहसीलदार ने फाड़ा, डयूटी डॉक्टर ने प्रभारी सिविल सर्जन से की शिकायत


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उज्जैन4 घंटे पहले

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जिला अस्पताल में मरीज के बयान लिए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। ड्यूटी डॉक्टर अजय दिवाकर का आरोप है कि तहसीलदार योगेश मेसराम ने मरीज के मृत्यु पूर्व बयान का पर्चा फाड़ दिया और मेरे साथ में अभद्रता की। डॉ. दिवाकर ने इसकी शिकायत प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. पीएन वर्मा से की है। डॉ. दिवाकर ने बताया नवीन पिता मुन्नालाल उम्र 26 साल को जहरीला पदार्थ पीने की वजह से जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसके मृत्यु पूर्व बयान लेने के लिए तहसीलदार मेसराम अस्पताल आए थे।

उन्होंने मरीज के बयान लेने की बात कही। इस पर मैंने कहा कि अभी इमरजेंसी में मरीज ज्यादा हैं, आप थोड़ा इंतजार करें। इतने में तहसीलदार गुस्सा हो गए और खुद ही सी-वार्ड में मृत्यु पूर्व बयान लेने चले गए। उसके बाद वे मेरे पास में आए और कहा कि कागज पर हस्ताक्षर कर दो। इस पर मैंने कहा कि मैं पहले मरीज को देखूंगा, उसके बाद साइन करूंगा।

मैंने तहसीलदार से कहा आपने तो मरीज का नाम ही गलत लिखा है, इस पर वे नाराज हो गए और बहस करते हुए मेरे हाथ से मरीज के मृत्यु पूर्व बयान का पर्चा छीनकर फाड़ दिया गया। तहसीलदार ने वार्ड में वार्ड बाय और मरीजों तथा नर्सिंग स्टाफ के सामने मुझसे अभद्रता की और देख लेने की धमकी दी। तहसीलदार मेसराम का कहना है कंट्रोल रूम से सूचना आई थी, उसके बाद मैं बयान लेने के लिए गया था। मरीज बात कर रहा था, जबकि डॉक्टर कह रहे थे कि मरीज बयान देने की स्थिति में नहीं है।

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