इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच में शिखर धवन महज दो रन से शतक से चूक गए थे (PC-AFP)
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान ज्यादातर समय शिखर धवन (Shikhar Dhawan) को बेंच पर ही बैठना पड़ा था, जिससे उन पर वनडे सीरीज के शुरुआती मैच में अच्छा खेलने का दबाव था.
उन्होंने कहा कि और दूसरी चीज यह है कि अनुभवी खिलाड़ी हूं तो मैं जानता हूं कि किस तरह के विकेट पर किस तरह का शॉट खेला जाए, हम विकेट को अच्छी तरह पढ़ सकते हैं और बल्लेबाजी इकाई में इसे अच्छी तरह से बता सकते हैं. हमने यही किया और यह हमारे लिए कारगर रहा.
खुद को बनाए रखा सकारात्मक
धवन ने कहा कि निश्चित रूप से जब मैं क्रीज पर जम गया तो मेरे पास खेलने के लिए काफी शॉट थे, जिससे मैं रन जुटा सकता था. पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मैच के बाद धवन को बेंच पर बिठा दिया गया तो इस बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि जब चीजें उनके पक्ष में नहीं थी तो उन्होंने किस तरह से खुद को सकरात्मक बनाए रखा. धवन ने कहा कि जब मैं टी20 सीरीज में नहीं खेल रहा था तो मैंने खुद को सकारात्मक बनाए रखा. मैंने अपना ध्यान प्रकिया, फिटनेस, जिम में ट्रेनिंग पर लगाए रखा और सकारात्मक बना रहा.यह भी पढ़ें :
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उन्होंने कहा कि मैं हर परिस्थिति में खुद को सकारात्मक बनाए रखने की कोशिश करता हूं. मैं यही कर रहा था. मैं अपनी बल्लेबाजी पर काम कर रहा था. मैं जानता था कि अगर मौका मिला तो मैं इसका फायदा उठा लूंगा. धवन ने यह भी कहा कि मंगलवार को एमसीए स्टेडियम में विकेट तेज और स्विंग कर रहा था. उन्होंने कहा कि अगर आप शुरू से ही आक्रामक होते और कुछ विकेट गंवा देते तो इसका कोई फायदा नहीं होता, इसलिए हमारी योजना विकेट पर डटे रहने और अच्छी गेंदों का सम्मान करने की थी. उन्होंने कहा कि हम जानते थे कि रोहित शर्मा और मैं रन बाद में बना सकते हैं और विकेट भी तब बल्लेबाजों के लिए ज्यादा मददगार होगा और अंत में हमने इतना बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया.