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- No More Than 20 Farmers Will Be Allowed To Submit To The Center At One Time
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भोपाल18 मिनट पहले
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- 27 मार्च से शुरु होगा उपार्जन, चना, मसूर और सरसों के लिए बनाए गए हैं 1,085 केंद्र
- सरकारी खरीदी 27 मार्च से शुरु हो रही है, गेहूं इंदौर-उज्जैन संभाग में खरीदा जाएगा
मध्य प्रदेश में गेहूं, चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीदी (उपार्जन) 27 मार्च से शुरु हो रही है। फसलों का उपार्जन काेरोना की दूसरी लहर आने के दौरान किया जा रहा है। ऐसे में सभी खरीदी केंद्रों में कोरोना की गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश राज्य शासन ने दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि खरीदी के दौरान केंद्र में एक समय में 20 अधिक किसान एकत्र नहीं हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश में शनिवार से उपार्जन प्रारंभ होगा। इसमें कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। इसके लिए सहकारिता विभाग ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे सख्ती से कोरोना के दिशानिर्देशों को लागू करें। बिना मास्क लगाए या गमछे से मुंह ढके, कोई भी व्यक्ति उपार्जन केंद्र में नहीं आना चाहिए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी हर हाल में सुनिश्चित कराया जाना है।
बता दें कि बारिश और ओलावृष्टि की वजह से प्रभावित हुई गेहूं, चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीदी पहले 15 मार्च से शुरु होना था, लेकिन इसकी तारीख बढ़ाकर 22 मार्च की गई, लेकिन इस दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओला वृष्टि होने के कारण उपार्जन की नई तारीख शनिवार 27 मार्च तय की गई है। चना, मसूर और सरसों के लिए उपार्जन केंद्रों की संख्या 91 बढ़ाकर 1,085 की गई है।
मध्य प्रदेश में पिछले साल 129 लाख मीट्रिक टन गेहूं का बंपर उत्पादन हुआ था। इसके चलते समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीदारी हुई थी। वहीं मंडी में भी गेहूं अच्छी मात्रा में आया था। पूरे साल ही गेहूं की आवक बनी रहती थी। इसलिए उम्मीद है कि अबकी बार भी गेहूं की अच्छी आवक रहेगी। हालांकि, पिछले दिनों मौसम के चलते कई किसानों की गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। बावजूद अच्छी आवक की उम्मीद बनी हुई है। इसके अलावा चने की आवक भी बेहतर रहने का अनुमान है। लेकिन होली के बाद मंडियों में फसलों की आवक बढ़ेगी।
इसलिए गेहूं की खरीदी इंदौर-उज्जैन संभाग में पहले
गेहूं की सरकारी खरीदी 27 मार्च से इंदौर-उज्जैन संभाग में शुरु होगी। खाद्य विभाग के मुताबिक इंदौर-उज्जैन संभाग में गेहूं की बोवनी अन्य जगहों की तुलना में पहले हो जाती है। किसान को उपज का समर्थन मूल्य मिले और औने-पौने दाम पर फसल न बेचनी पड़े, इसके लिए खरीद 22 मार्च से प्रारंभ की जा रही थी, लेकिन बारिश और ओलावृष्टि की वजह से स्थगित करना पड़ा। विभाग के मुताबिक सरकार की मंशा किसानों को फसल का उचित दाम दिलाने की है।