संक्रमण के बीच फैसला: बड़वानी स्थित प्रसिद्ध जैन तीर्थ बावनगजा में कल से प्रवेश बंद, मंदिर समिति ने बढ़ाए सुरक्षा के इंतजाम

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बड़वानी17 मिनट पहले

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बावनगजा का मुख्य द्वार कर दिया गया बंद।

  • नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम, बिजासन मंदिर में बढ़ाई सतर्कता – कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख मंदिर समिति ने लिया निर्णय

बड़वानी में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे लेकर तीन बड़े आस्था के केंद्र सिद्ध क्षेत्र बावनगजा में शनिवार से लोगों के आने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम और सेंधवा स्थित बड़ी बिजासन माता मंदिर में सतर्कता बढ़ा दी है। इन दोनों ही स्थानों पर पहले की अपेक्षा अब 10 से 15 फीसदी श्रद्धालु ही पहुंच रहे हैं और मंदिर ट्रस्टियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। जांच के दौरान संदिग्ध पाए जाने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। यदि कोरोना के मरीजों की संख्या और तेजी से बढ़ती है तो मंदिरों में श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह से बंद किया जा सकता है।

बावनगजा; आठ दिन के लिए पूरी तरह से बंद
सिद्धक्षेत्र बावनगजा प्रबंधक इंद्रजीत मंडलोई ने बताया कोरोना के फैलते संक्रमण को देखते हुए यहां पर शनिवार से लेकर तीन अप्रैल तक लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। मुख्य गेट पर सूचना चस्पा कर दी गई है। होली, रंगपंचमी पर 500 से ज्यादा लोगों ने बुकिंग कराई थी। इसे भी रद्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया रोजाना 50 से ज्यादा लोगों के बुकिंग के लिए फोन आ रहे हैं। जिन्हें सिद्धक्षेत्र को बंद होने की सूचना दी जा रही है। कोरोना न फैले, इसलिए लोगों के आने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

शिखरधाम; नारियल फोड़ने व प्रसादी बांटना प्रतिबंधित
मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष दिनेश यादव ने बताया भिलट मंदिर में अभी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। लेकिन सतर्कता बढ़ा दी है। यहां पर चलने वाली भोजनशाला में तैयार होने वाला भोजन श्रद्धालुओं पत्तल में दिया जा रहा है। पहले इन्हें बैठकर खिलाते थे। वहीं बिना मास्क के किसी को भी मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा। साथ ही यहां पर नारियल फोड़ने व प्रसाद बांटने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया पहले यहां पर रोजाना 4 से 5 हजार श्रद्धालु आते थे। लेकिन अब रोजाना एक हजार से भी कम श्रद्धालु आ रहे हैं।

बिजासन; अन्न क्षेत्र (भोजनशाला) बंद की
मंदिर ट्रस्ट सचिव नीरज कानूनगो ने बताया मंदिर में प्रवेश करने वाले सभी श्रद्धालुओं को सैनिटाइज किया जा रहा है। वहीं चार लोग नीचे व दो लोग मंदिर में रहते हैं। जो लोगों को कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने के लिए समझाइश दे रहे हैं। यहां रोजाना श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी बांटी जाती थी। जिसे पिछले दस दिन से बंद कर दिया गया है। सभी श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है। संदिग्ध लगने पर मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा। मंदिर के अन्य प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं। केवल एक को खुला रखा है। श्रद्धालुओं की संख्या 10 फीसदी बची है।

बावनगजा प्रथम जैन तीर्थंकर ऋषभदेव की विशाल प्रतिमा
बावनगजा मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में स्थित एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ है। यहां का मुख्य आकर्षण पहाड़ से काटकर निर्मित प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव जी की विशाल प्रतिमा है। यह प्रतिमा 72 फिट ऊंची प्रतिमा है। इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था। यह बड़वानी से 08 किमी की दूरी पर है। सतपुड़ा की पर्वत श्रंखला में स्थित यह जैन तीर्थ अत्यंत मनोरम है।

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