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जबलपुर3 घंटे पहले
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- बाहर से आने वाले ट्रक चालकों के साथ श्रमिकों को भी हो रही परेशानी
औद्योगिक क्षेत्र रिछाई में खान-पान की सुविधा न होने के कारण बाहर से सामग्री लेकर आने वाले वाहन चालकों के साथ ही आसपास के श्रमिकों को भी देर रात भोजन से लेकर चाय-नाश्ता तक के लिए भटकना पड़ता है।
कुछ दुकाने हैं भी तो उन्हें अतिक्रमण की श्रेणी में मानते हुए जब चाहे तब हटाने की कार्रवाई होती रहती है। जिससे लोगों को शाम ढलने के बाद चाय से लेकर भोजन के लिए परेशान तो होना पड़ता है, साथ ही यहाँ-वहाँ भटकना भी पड़ता है। यहाँ खान-पान की सुविधा न होने के पीछे एक कारण पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होना बताया जा रहा है।
सड़क पर दुकानें लगाने की मजबूरी
रिछाई क्षेत्र में उद्योग लगाने वाले लोगों का कहना है कि उनके श्रमिक तो टिफिन साथ में लाते हैं, मगर यह बात सही है कि रात में जो बाहर से ट्रक आते हैं उनके चालक और कुछ आसपास के श्रमिकों को रात में चाय व खाने की आवश्यकता होती है, जिसकी दिक्कतें आ रही हैं। मगर सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में यहाँ कोई खान-पान की दुकान संचालित करना असंभव होता है। अभी जो दुकानें लगती हैं तो वह सड़क पर लग रहीं हैं जिससे आवागमन प्रभावित हाेता है।
भवन निर्माण सामग्री से दिक्कतें
रिछाई की वर्तमान तस्वीर देखकर लगता नहीं है कि यह कोई औद्योगिक क्षेत्र है। यहाँ की जर्जर सड़कें, आधा-अधूरा ड्रेनेज सिस्टम और अतिक्रमण को देखकर तो ऐसा लगता है कि कोई पिछड़ा क्षेत्र है जिसका कोई धनी-धोरी नहीं है।
इस क्षेत्र में जहाँ कहीं भी खाली जमीन नजर आई, आसपास के लोग कोई न कोई दुकान खोल लेते हैं। खासकर भवन निर्माण सामग्री का व्यापार करने वालों ने तो इस क्षेत्र को स्थाई मार्केट बना लिया है। कई लोगों ने रेत, ईंट और गिट्टी का जगह-जगह स्टॉक कर यहाँ से व्यापार संचालित कर रहे हैं। जिससे सड़क पर भवन निर्माण सामग्री फैलने से आए दिन दुघर्टनाएँ भी हो रहीं हैं।