- Hindi News
- Local
- Mp
- Gwalior
- The Photo Was Sold To Sell Its Bull, The Thug Talked About Becoming A Customer, Sent A Link For Payment And Put A Lime Of 40 Thousand.
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
ग्वालियर8 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
ठगी के बाद पहले युवक घबरा गया और बदनामी के डर के चलते थाना नहीं पहुंचा, लेकिन चार दिन बाद एसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत की है
- एसपी ऑफिस में पीड़ित ने की शिकायत
- घटना चार दिन पहले की, पर बदनामी के डर से देर से की है शिकायत
एक युवक को पुरानी बुलट ONLINE एप के जरिए बेचना जरा महंगा पड़ गया। ठग ने ग्राहक बनकर युवक से बात की। बुलट की कीमत 40 हजार रुपए तय की। एडवांस भुगतान के लिए एक लिंक भेजी। लिंक ओपन करते ही उसका मोबाइल अपने आप ऑपरेट होने लगा। इसके बाद युवक के खाते से 40 हजार रुपए ठग लिए गए। घटना चार दिन पहले शहर के आदित्यपुरम की है। पर पीड़ित युवक बदनामी के डर से रविवार को एसपी ऑफिस पहुंचा है। शिकायत को जांच में लिया गया है।
शहर के आदित्यपुरम निवासी देवेन्द्र कुमार एक फाइनेंस कंपनी में कर्मचारी हैं। उनको एक नई गाड़ी खरीदना थी। पर उससे पहले उन्होंने अपनी पुरानी बुलट को एक ONLINE APP पर बेचने का विचारा बनाया। उन्होंने गाड़ी की फोटो और डिटेल एप पर शेयर की। चार दिन पहले उनके पास एक युवक का फोन आया। युवक ने अपना परिचय दिनेश पंडित के रूप में दिया। साथ ही उसकी गाड़ी को खरीदने की इच्छा जताई। इस पर दोनों के बीच में 40 हजार रुपए में गाड़ी खरीदना तय हुआ। देवेन्द्र ने कहा कि वह उसके घर आकर भुगतान कर बाइक ले जाए। यहां दिनेश ने बताया कि वह सेना में है और अभी जयपुर में पदस्थ है। वह भुगतान एडवांस कर देता है और गाड़ी कभी भी आकर उठा लेगा। इस पर देवेन्द्र भी तैयार हो गया
खरीदार बनकर खाते से उड़ा दिए 40 हजार रुपए
इसके बाद दिनेश पंडित ने देवेन्द्र को एडवांस में भुगतान करने के लिए एक लिंक भेजी। जब देवेन्द्र ने लिंक ओपन की तो एनीडेस्क एप डाउनलोड हो गया। जिसके बाद क्या हुआ पीड़ित को समझ ही नहीं आया। उसका मोबाइल अपने आप ऑपरेट होने लगा। कुछ देर बाद पर 10-10 हजार रुपए निकलने के 4 मैसेज आए। जब उसने अकाउंट चेक किया तो खाते से 40 हजार रुपए निकल चुके थे। देवेन्द्र ने खरीदार से रुपए वापस मांगे तो उसने बोला गलती से हो गया है। वापस लिंक भेज रहा हूं उसे खोलो। पर देवेन्द्र को कुछ अजीब सा लगा और ठगी का अहसास हुआ। वह समझ गए की साइबर ठगी के शिकार हुए हैं। इसके बाद वह बदनामी के डर के चलते शिकायत नहीं कर पाए। चार दिन बाद रविवार को वह एसपी ऑफिस ग्वालियर पहुंचे और शिकायत की है।