फर्जी जाति प्रमाण-पत्र मामला: एलआईसी के अधिकारी की याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने लगाया जुर्माना

फर्जी जाति प्रमाण-पत्र मामला: एलआईसी के अधिकारी की याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने लगाया जुर्माना


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ग्वालियर2 घंटे पहले

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फर्जी जाति प्रमाण-पत्र मामले में भारतीय जीवन बीमा निगम के अधिकारी भारत सिंह बाथम को हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया। फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के आरोप में एलआईसी प्रबंधन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसे चुनौती देते हुए उन्होंने याचिका दायर की थी। कोर्ट ने याचिका खारिज करने के साथ ही उन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

दरअसल, भारतीय जीवन बीमा ने 14 सितंबर 2020 को भारत सिंह को नोटिस जारी किया। इसमें यह कहते हुए उनकी नियुक्ति को शून्य घोषित करने, सेवा से बर्खास्त करने व अन्य लाभ राजसात करने की बात कही गई कि उन्होंने फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त की।

याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वह मांझी जाति से है और 13 मार्च 1981 को उसे एसटी वर्ग के लिए आरक्षित पद पर नियुक्त किया गया था। 37 साल की नौकरी के बाद जाति प्रमाण-पत्र पर सवाल खड़े किए गए हैं।

कोर्ट को यह भी बताया गया कि उनके जाति प्रमाण-पत्र का मामला हाई पावर कास्ट स्क्रूटिनी कमेटी के समक्ष 2015 से लंबित है। कोर्ट ने उनके तर्क को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उन्होंने इस संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए।

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