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- Satyadev Had Brought A New Rope And Knife Even Before His Wife Came To The Maternal House, The Reason For The Houseclash Was Coming.
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मुरैना13 मिनट पहले
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गुरुवार शाम चारों के अंतिम संस्कार के समय हर आंख नम थी।
- गुरुवार शाम को चारों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया
अपनी पत्नी व बच्चों को मौत की नींद सुलाकर खुद फांसी पर लटकने के मामले की वजह गृह क्लेश बताई जा रही है। पुलिस की जांच की सुई फिलहाल इसी तरफ घूम रही है। हालांकि पुलिस दूसरे एंगल पर भी जांच कर रही है। जांच में पता चला कि सत्यदेव शर्मा अपनी पत्नी के मायके से वापस आने से पहले ही नई रस्सी और चाकू खरीद लाया था। बुधवार शाम उसकी पत्नी मायके से लौटी थी। गुरुवार देर शाम बिलगांव में चारों का अंतिम संस्कार किया गया।
शहर में पलिया कॉलोनी में किराना कारोबारी सत्यदेव शर्मा ने पत्नी, बेटे और बेटी की गला काटकर हत्या कर दी। बाद में खुद भी फांसी लगा ली। घटना का पता तब चला, जब सुबह 9 बजे दूध वाला घर पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। जवाब न मिलने पर पड़ोसियों को सूचना दी और फिर पूरा मामला सामने आया। पड़ोसी नीरज ने छत से सत्यदेव के घर में झांका तो लटके हुए आदमी के पैर दिखे। मोहल्लेवाले दरवाजा तोड़कर घर में घुसे, तो सत्यदेव (45), उनकी पत्नी ऊषा (42), बेटे अश्विनी (12) और बेटी मोहिनी (10) के शव मिले।
सभी की जुबां पर एक ही बात, आखिर कौन सी वजह थी
श्मशान घाट में मौजूद हर व्यक्ति की जुबां पर एक ही बात थी, आखिर कौन सी वजह थी, जिसके पीछे इतना बड़ा कांड हुआ। कुछ लोगों की मानें, तो पूरी वारदात के पीछे गृह क्लेश है। सूत्रों की मानें, तो सत्यदेव की पत्नी उषा शर्मा होली से पहले अपने मायके विजयपुर गई थी। पति पत्नी में किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी। बुधवार शाम वह मायके से आई थी। बताया जा रहा है कि सत्यदेव ने फोन कर उसे बुलाया था।प्रत्यक्षदर्शियों की मानें, तो पत्नी के मायके से आने से पहले ही सत्यदेव बाजार से नई रस्सी व चाकू लेकर आया था।
योजनाबद्ध तरीके से हुई वारदात
सूत्रों का कहना है, वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है। पत्नी व बच्चों को पहले नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश किया गया था, जिससे वे मारते समय विरोध ना कर सकें। फिलहाल, पुलिस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है, लेकिन शक की सुई गृह क्लेश पर आकर टिकी है।
सुभाष शर्मा व उनके पुत्र गौरव शर्मा दी मुखाग्नि
चारों सदस्यों का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम उनके पैतृक गांव बिलगांव में कर दिया गया। सत्यदेव शर्मा व उनकी पत्नी उषा शर्मा को सत्यदेव शर्मा के भाई सुभाष शर्मा ने मुखाग्नि दी। बच्चों को उनके पुत्र गौरव शर्मा ने मुखाग्नि दी। पूरा गांव इस मौके पर मौजूद था। शमशान में मौजूद हर आदमी की आंखें नम थीं।