रिजल्ट आने से पहले छात्रों की दलील: कलेक्ट्रेट पहुंचे 11वीं के छात्र, बोले- कोरोना काल में पढ़ाई नहीं हुई, फिर भी एग्जाम लिया, रिजल्ट बिगड़ा तो जिम्मेदारी किसकी

रिजल्ट आने से पहले छात्रों की दलील: कलेक्ट्रेट पहुंचे 11वीं के छात्र, बोले- कोरोना काल में पढ़ाई नहीं हुई, फिर भी एग्जाम लिया, रिजल्ट बिगड़ा तो जिम्मेदारी किसकी


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खंडवा10 घंटे पहले

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एग्जाम देकर स्कूल से घर लौट रहे छात्र कलेक्ट्रेट पहुंचे, दिया आवेदन।

शहर के अरविंद कुमार-नितिन कुमार स्कूल के 11वीं के छात्र सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनकी दलील थी कि कोरोनाकाल में अधूरी पढ़ाई हुई है। फिर भी स्कूल प्रबंधन ने परीक्षा ली। इससे रिजल्ट बिगड़ना स्वभाविक है। यदि फेल हो गए तो हमारा भविष्य खराब हो जाएगा, जबकि अधिकांश स्कूलों में 9 अप्रैल से ओपन बुक से एग्जाम होंगी।

स्टूडेंट्स के अनुसार सोमवार को आखिरी पेपर था। आधी-अधूरी पढ़ाई कर एग्जाम देने गए थे, पेपर देने के बाद लगा कि रिजल्ट बिगड़ जाएगा। यदि फेल हो गए तो भविष्य खराब हो जाएगा। कोरोनाकाल में जैसे-तैसे अक्टूबर से क्लासेस शुरू हुई थी। उसमें भी पूरी तरह लैक्चर नहीं लगे। ऊपर से प्रबंधन ने सभी विषयों की परीक्षाएं ली हैं। जबकि सरकार खुद 9 अप्रैल से होने वाली परीक्षाएं ओपन बुक से लेने जा रही हैं। यदि हमारा रिजल्ट बिगड़ा तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल और मप्र शासन की होगी, क्योंकि एग्जाम के विरोध में हम पहले भी कलेक्ट्रेट आकर आवेदन दे चुके हैं।

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