इंदौर में कोरोना गाइडलाइन तोड़ने वालों को पुलिस छोड़ नहीं रही. (प्रतिकात्मक तस्वीर)
Uncontrolled Corona. एमपी में जगह-जगह खुली जेलें बनाई जा रही है. इंदौर में 250 से ज्यादा लोग जेल की हवा खा चुके. लोग कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि पिछले पांच दिनों के अंदर शहर के अलग-अलग इलाकों से कुल 258 लोगों को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 151 के तहत अस्थायी जेल लाया गया है. ये लोग सार्वजनिक स्थलों पर बिना मास्क पहने घूम रहे थे. भांगरे ने बताया कि मास्क से परहेज पर अस्थायी जेल पहुंचने वाले लोगों को आमतौर पर तीन घंटे बाद रिहा किया जा रहा है. इससे पहले, उनसे मुचलका भरवाया जा रहा है कि आइंदा वे कोविड-19 से बचाव के तमाम दिशा-निर्देश मानेंगे.
अस्थायी जेल में 15 कर्मचारी तैनात
केंद्रीय जेल के अधीक्षक राकेश कुमार भांगरे ने बताया कि अस्थायी जेल में 15 कर्मचारियों की तैनाती की गई है और कैदियों पर निगाह रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना से सबसे प्रभावित जिला इंदौर है. रोज मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में महामारी के 805 नए मरीज मिले जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. अधिकारियों ने बताया कि करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में पिछले साल 24 मार्च से लेकर अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 74,029 मरीज मिले हैं. इनमें से 977 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है.एक चिंता की बात ये भी
चिंता की बात ये भी सामने आ रही है कि वैक्सीन के दो डोज लेने के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे हैं. सवाल यह उठ रहा है कि क्या इंदौर में कोरोना वायरस का नया वायरस एक्टिव हो गया है. हालांकि, प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि वैक्सीन लगने के बाद वायरस हम पर हावी नहीं होगा. जानकारी के मुताबिक, जिन 20 लोगों को वैक्सीन लगने के बाद भी संक्रमण हुआ है, उनके सैंपल जांच के लिए दिल्ली की NCDB लैब भेजे जाएंगे. इसके बाद ही पता चलेगा कि वायरस का नया वैरिएंट एक्टिव है कि नहीं. गौरतलब है कि 22 फरवरी को शहर से 90 सैंपल दिल्ली भेजे गए थे. इनमें 6 मरीजों में UK का वैरिएंट मिला था.