कांग्रेस नेता गोविंद सिंह ने बीजेपी की नीयत पर सवाल उठाए
Bhopal. पीसी शर्मा ने कहा उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखा था कि दमोह में बाहरी नेताओं की एंट्री पर रोक लगाई जाए. लेकिन इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ.
बेकाबू हो चुके कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह तक पूरे प्रदेश में संपूर्ण लॉक डाउन की घोषणा कर दी है. लेकिन उपचुनाव वाले दमोह का फैसला चुनाव आयोग पर छोड़ दिया है.
नीयत पर सवाल
कांग्रेस ने दमोह को लॉक डाउन से बाहर रखने पर सवाल खड़े किए हैं. पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने कोरोना वायरस को बीजेपी का नौकर बताया है. उन्होंने कहा पूरे प्रदेश में 2 दिन का लॉक डाउन और दमोह को छोड़ना बीजेपी की नीयत पर सवाल खड़े करता है. कोरोना वायरस लगता है बीजेपी का नौकर है. जब जरूरत होती है तब उसे संक्रमण दिखने लगता है और जहां चुनाव होता है वहां कोरोना नहीं पहुंचता है. दमोह में उपचुनाव में तो बीजेपी के इशारे पर कोरोना ने मानों वहां जाने से मना कर दिया है. कोरोना वायरस के नाम पर जनता को डराने का आरोप डॉक्टर गोविंद सिंह ने बीजेपी सरकार पर लगाया है. डॉक्टर सिंह ने कहा संक्रमण के नाम पर सरकार बजट में हेराफेरी करने की कोशिश में है.चुनाव आयोग ने नहीं लिया फैसला
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भी दमोह छोड़कर पूरे प्रदेश में 2 दिन के लॉक डाउन के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा दमोह में भी कोरोना संक्रमण सबसे ज्यादा है. लेकिन वहां पर लॉकडाउन को लेकर कोई फैसला नहीं होना बीजेपी की नीयत पर सवाल खड़े करता है. पीसी शर्मा ने कहा उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखा था कि दमोह में बाहरी नेताओं की एंट्री पर रोक लगाई जाए. लेकिन इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ. अस्पतालों में बेड्स की कमी है और दवाओं की किल्लत से लोग परेशान हैं.
बाहरी नेताओं की एंट्री पर बैन की मांग
बीजेपी के बड़े नेता दमोह उपचुनाव पर फोकस कर रहे हैं. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और प्रह्लाद पटेल से लेकर सीएम शिवराज और पार्टी के बड़े नेता दमोह में प्रचार कर रहे हैं. चुनाव प्रचार के मामले में कांग्रेस के मुकाबले बीजेपी के नेता पूरा दमखम लगा रहे हैं. कांग्रेस इसी बात पर आपत्ति जता रही है कि दमोह चुनाव में कोरोना संक्रमण को देखते हुए बाहरी नेताओं की एंट्री पर रोक लगाई जाए. उल्टा सरकार ने दमोह को लॉकडाउन से मुक्त कर दिया.