सरकार का लक्ष्य है कि हर महीने प्रदेश के एक लाख लोगों को रोजगार दिलाया जाए.
Bhopal. मुख्यमंत्री शिवराज ने बताया कि प्रदेश में 572 इकाइयां मार्च 2021 तक स्थापित हो चुकी हैं. अगले तीन माह में 296 और अगले छह माह में एक हजार 23 इकाइयां लगेंगी.
रोजगार आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का मूल आधार है. राज्य शासन उद्यमियों की मदद के लिए तत्पर है. इस दिशा में आरंभ की गई ‘स्टार्ट यूअर बिजनेस इन थर्टी डेज’ योजना का उद्देश्य यही है कि प्रदेश में अपना उद्योग आरंभ करने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई भी परेशानी न आए. सरकार का लक्ष्य है कि हर महीने प्रदेश के एक लाख लोगों को रोजगार दिलाया जाए. इस प्रकार एक साल में बारह लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए काम किया जा रहा है.
नौकरी दें युवा
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा युवाओं के लिए स्व-रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से पुरानी योजनाओं की रीपैकेजिंग कर नई मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना आरंभ करने का निर्णय लिया गया है. प्रदेश के विकास के लिए जितना योगदान बड़े उद्योगों का है उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका एम.एस.एम.ई की है. मेरा सपना है कि प्रदेश के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बनें. यह सपना लघु, कुटीर और मध्यम उद्योगों से ही साकार हो सकता है.
50 हजार से ज्यादा को मिलेगा रोजगार
जिन 1891 एमएसएमई इकाई का वर्चुअली शुभारंभ किया गया उसके ज़रिए दावा किया गया है कि इनमें 4227 करोड़ का निवेश हुआ है. यह इकाइयां 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएंगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 572 इकाइयां मार्च 2021 तक स्थापित हो चुकी हैं. अगले तीन माह में 296 और अगले छह माह में एक हजार 23 इकाइयां लगेंगी.