सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों की आपात बैठक बुलाई है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों से कहा कि वो कोरोना से निपटने की तैयारी में युद्धस्तर पर जुट जाएं और जिलों में जिम्मेदारी संभालें. इससे पहले सीएम ने मंत्रियों को टास्क दिया था कि वो कोरोना से निपटने के लिए अपने-अपने जिले में जिम्मेदारी संभालेंगे.
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April 10, 2021, 9:58 PM IST
सरकार का दावा- सरकारी अस्पतालों में 60 फीसदी बेड
सरकार ने दावा किया है कि कोरोना के उपचार के लिए जिलों के सरकारी अस्पतालों में कुल 60% तथा निजी अस्पतालों में 47% बिस्तर खाली हैं. शासकीय अस्पतालों में 17492 बिस्तर भरे हुए हैं, वहीं निजी अस्पतालों में 13250 बिस्तर भरे हुए हैं. भोपाल में शासन द्वारा जेके एवं पीपुल्स अस्पताल को अनुबंधित कर लिया गया है. मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि पीपुल्स अस्पताल में कोरोना इलाज के लिए 150 बिस्तर खाली हैं. कुल मरीजों में से 67% मरीज होम आईसोलेशन में है तथा 33% मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं. अस्पतालों में भर्ती मरीजों में से 18% ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं तथा 8% आईसीयू में है. वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 30 हज़ार से अधिक है.
जिलों को 2-2 करोड़ मंजूरी, इंजेक्शन के ऑर्डरहर जिले में कोविड केअर सेंटर बनाए जा रहे हैं, जिनमें कोरोना के मरीजों की देखभाल की जाएगी. कोरोना संबंधी व्यवस्थाओं के लिए हर ज़िले को दो-दो करोड़ रुपए की राशि भी जारी की गई है. सरकार का दावा है कि कोरोना के उपचार के संबंध में 50,000 रेमडीसिविर इंजेक्शन के आर्डर दे दिए गए हैं. इंजेक्शन आना भी शुरू हो गया है. इन्हें सरकारी तथा अनुबंधित अस्पतालों में नि:शुल्क लगाया जाएगा. इसके साथ ही हर जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन की व्यवस्था की जा रही है. इसके संबंध में टेंडर जारी कर दिए गए हैं.