हाईकोर्ट ने याचिका का किया निराकरण: ठेका प्रक्रिया से बाहर करने का आदेश निरस्त, फिर से करो सुनवाई

हाईकोर्ट ने याचिका का किया निराकरण: ठेका प्रक्रिया से बाहर करने का आदेश निरस्त, फिर से करो सुनवाई


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जबलपुर13 मिनट पहले

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मप्र हाईकोर्ट ने आयुध निर्माणी खमरिया द्वारा एक ट्रांसपोर्ट कंपनी को दो साल तक ठेका प्रक्रिया से बाहर करने का आदेश निरस्त कर दिया है। चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस संजय द्विवेदी की डिवीजन बैंच ने आयुध निर्माणी खमरिया के वरिष्ठ महाप्रबंधक को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर नए सिरे से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। जवाब पेश होने के बाद एक सप्ताह के भीतर कारण सहित आदेश पारित किया जाए।

नागपुर की जैन ट्रांसपोर्ट कंपनी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 5 दिसंबर 2019 को आयुध निर्माणी खमरिया के वरिष्ठ महाप्रबंधक ने उनकी कंपनी को दो साल के लिए ठेका प्रक्रिया से बाहर कर दिया। अधिवक्ता प्रतीक कुमार बाघमारे ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता कंपनी को ठेका प्रक्रिया से बाहर करने के लिए कोई कारण नहीं बताया गया। इससे स्पष्ट है कि यह आदेश दुर्भावनापूर्वक जारी किया गया है। सुनवाई के बाद डिवीजन बैंच ने ठेका प्रक्रिया से बाहर करने के आदेश को निरस्त करते हुए नए सिरे से सुनवाई करने का आदेश दिया है।

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