इस राज्य में अब फ्री में मिलेगा ISI मार्क वाला हेलमेट, जानें सरकार ने कंपनियों को क्‍या दिए निर्देश

इस राज्य में अब फ्री में मिलेगा ISI मार्क वाला हेलमेट, जानें सरकार ने कंपनियों को क्‍या दिए निर्देश


सरकार आईएसआई मार्क वाले मजबूत हेलमेट उपलब्ध कराएगी.

सड़क हादसाें (Road Accidents) में घायलाें और माैत का आंकड़ा कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है. बहुत से लाेग पैसे की कमी की वजह से साधारण हेलमेट खरीद लेते हैं जाे हादसे के समय काम नहीं आता है.

नई दिल्ली. दाे पहिया वाहन (Two wheeler) चालकाें काे अब हेलमेट (Helmet) खरीदने की जरूरत नहीं हाेगी. खासताैर पर अगर आप राजस्थान (Rajasthan) में रहते है ताे बिलकुल भी नहीं. आप साेच रहें हाेंगे हेलमेट पहनना अनिवार्य है ताे बिना खरीदे कैसे संभव हाेगा. दरअसल, राजस्थान ट्रांसपाेर्ट मिनिस्टर प्रताप सिंह खाचरियावास उस प्रपाेजल काे हरी झंडी दे दी है, जिसमें अब दाेपहिया वाहन काे बेचते समय डीलर काे फ्री में हेलमेट प्रदान करना हाेगा. इस बारे में जानकारी देते हुए प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि डीलर्स काे टू व्हीलर ड्राइवर की सुरक्षा काे ध्यान में रखते हुए फ्री  हेलमेट देने का निर्देशित कर दिया गया है. 

खाचरियावास ने कहा कि सड़क हादसाें में घायलाें और माैत का आंकड़ा कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है. बहुत सारे लाेग पैसे की कमी की वजह से साधारण हेलमेट खरीद लेते हैं जाे हादसे के समय काम नहीं आता है. सरकार इन लाेगाें काे आईएसआई मार्क वाले मजबूत हेलमेट उपलब्ध कराएगी. मालूम हाे राजस्थान सरकार ने पिछले साल भी मार्च में इस तरह का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन काेराेना के चलते इस पर काम नहीं हाे पाया, जिसे अब इसे लागू कर दिया है. 

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नकली ISI मार्क के हेलमेट पर काेर्ट ने दिया यह निर्देश 

दिल्ली उच्च न्यायालय (High Court) ने साेमवार को भारतीय मानक ब्यूराे (बीआईएस) काे निर्देश दिए कि वे हेलमेट के निर्माण और बिक्री पर सख्त निगरानी रखें. एक एनजीओ की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने कहा, ‘यह देखते हुए कि उपभाेक्ताओं की सुरक्षा दांव पर है, हेलमेट के विनिर्माण और बिक्री पर सख्त निगरानी और पर्यवेक्षण की जरूरत है.’ अदालत ने बीआईएस काे यह भी निर्देश दिया कि वे एनजीओ की शिकायताें पर गाैर करें और इसकी रिपाेर्ट भी दायर करें. इस रिपाेर्ट में शिकायताें पर की गई कार्रवाई का संकेत हाेना चाहिए. साथ ही उन कदमाें के बारे में भी जानकारी हाेना चाहिए जाे हेलमेट विनिर्माण और बिक्री की निगरानी के लिए प्राधिकरण ने उठाए हैं ताकि आईएसआई चिन्ह का दुरुपयाेग ना हाे.









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