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सागर2 मिनट पहले
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शिव शंकर केसरी
- सागर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिवशंकर केसरी का 96 साल की आयु में निधन
वर्ष 1952 में मैं रहली से सागर आया था। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिव शंकर केसरी के साथ मेरा 70 साल का वक्त गुजरा है। अक्सर तीनबत्ती पर शाम के वक्त मेरी उनसे मुलाकात हो जाती थी। केसरी उन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में से थे, जिन्होंने देश के आजाद होने से 1 दिन पहले रात में ही स्वतंत्रता का जश्न मनाना शुरू कर दिया था।
1947 में देश की आजादी के समय 14 अगस्त की रात से ही स्वतंत्रता का जश्न मनाने का सिलसिला शुरू हो गया था। इसमें शिव शंकर केसरी सबसे आगे थे। केसरी स्वतंत्रता संग्राम में सागर के योगदान की अमिट विरासत थे। हम सौभाग्यशाली हैं कि जिन्होंने अपनी आंखों से परतंत्रता की पीड़ा और स्वतंत्रता का जश्न देखा है। ऐसे केसरी को हमारी वर्तमान पीढ़ी ने अपनी आंखों से देखा है। केसरी सागर की ऐसी अमूल्य धरोहर थे।
जिसकी पूर्ति कर पाना संभव नहीं है। दरअसल वह उस पीढ़ी का नेतृत्व करते थे। जिसने ना केवल स्वतंत्रता संग्राम को देखा है। बल्कि उसके लिए जेल भी गए हैं। हाई स्कूल की पढ़ाई के दौरान उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। जिसके लिए उन्हें स्कूल से निष्कासित कर दिया गया और पुलिस ने जेल में बंद कर दिया।
उनका काफी वक्त स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विट्ठल भाई पटेल और डालचंद जैन के साथ बीता। देशभक्ति और देश सेवा के अलावा उनका एक और छिपा हुआ गुण समाज सेवा और दान करना था। वह चाहे जिस भी परिस्थिति में रहे। लेकिन हमेशा दान करते रहते थे। मुझे याद है अभी कुछ साल पहले जब गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल का निर्माण चल रहा था।
तब दादा वहां से निकले और उन्हें पता चला कि स्कूल का निर्माण चल रहा है तो उन्होंने 25000 रुपए स्कूल के निर्माण के लिए बिना मांगे ही दे दिए। इसी तरह जब शासकीय आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज में गांधीजी की प्रतिमा लगाई गई तो उन्हें आमंत्रित किया गया। यहां भी उन्होंने बिना किसी के मांगे 5000 रुपए प्रतिमा के लिए सहर्ष दान किए। दादा का जाना न केवल पुरानी पीढ़ी के लिए, बल्कि वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए भी बहुत बड़ी क्षति है। – जैसा कि शुकदेव प्रसाद तिवारी, गांधीवादी और केसरी के नजदीकी ने भास्कर को बताया
जीवन परिचय
- नाम : शिव शंकर केसरी
- पिता : स्वर्गीय बाबूलाल केसरवानी
- माता : स्वर्गीय ब्रज रानी देवी
- जन्म स्थान: श्री गणेश भवन जवाहर गंज वार्ड
- जन्म तिथि : 8 नवंबर 1926
- डॉक्टर गौर की मूर्ति के सागर आने पर मूर्तिकार नागेश यावलकर, चतुर्भुज सिंह राजपूत और शिव शंकर केसरी।