Renault
स्क्रैपिंग पॉलिसी को लागू करने के लिए रेनॉ ने CERO रीसाइक्लिंग कंपनी के साथ गठजोड़ किया है. बता दें महिंद्रा ने भी इसी कंपनी के साथ पार्टनरशिप की है. स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत कंपनी ग्राहकों के पुराने वाहनों को स्क्रैप में लेगी और उन्हें नए वाहन खरीदने पर कई तरह के बेनिफिट देंगी.
रेनॉ ने इस कंपनी से मिलाया हाथ – स्क्रैपिंग पॉलिसी को लागू करने के लिए रेनॉ ने CERO रीसाइक्लिंग कंपनी के साथ गठजोड़ किया है. बता दें महिंद्रा ने भी इसी कंपनी के साथ पार्टनरशिप की है. स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत कंपनी ग्राहकों के पुराने वाहनों को स्क्रैप में लेगी और उन्हें नए वाहन खरीदने पर कई तरह के बेनिफिट देंगी.
8 साल पुराने व्हीकल्स को देना होगा ग्रीन टैक्स- स्क्रैपिंग पॉलिसी के लागू होने के बाद 8 साल पुराने कमर्शियल और प्राइवेट वाहनों को ग्रीन टैक्स देना होगा. ये टैक्स रोड़ टैक्स का 15 से 20 फीसदी होगा और इस टैक्स से जो पैसे जमा होंगे उन्हें प्रदूषण की रोकथाम पर खर्च किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: Honda, Tata और Maruti Suzuki की सबसे सस्ती सेडान कार, जानिए कीमत और फीचर्सनया वाहन खरीदने पर मिलेगी छूट- स्क्रैपिंग पॉलिसी में अगर आप अपने पुराने वाहन को कबाड़ करते है तो आपको नया वाहन खरीदने पर 5 प्रतिशत तक छूट मिलेगी. इसके साथ ही सरकार की ओर से रोड़ टैक्स पर 15 से 25 फीसदी की छूट मिलेगी. इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर दी जाएगी. वहीं स्क्रैप करें हुए वाहन की कीमत का 4 से 6 प्रतिशत आपको प्रोत्साहन के तौर पर भी मिलेगा.
ऑटो सेक्टर में मांग बढ़ेगी- नितिन गडकरी के अनुसार स्क्रैपिंग पॉलिसी लागू होने से नए वाहनों की कीमत में 10 फीसदी तक की कमी आएगी. जिससे नए देश में नए वाहनों की मांग बढ़ेगी और ऑटो सेक्टर में तेजी आएगी. जिससे करीब 35 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा.
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कच्चे माल की कमी दूर होगी- स्क्रैपिंग पॉलिसी लागू होने के बाद ऑटो कंपनियों को व्हीकल्स के निर्माण के लिए स्टील, प्लास्टिक, रबर और कई जरूरी चीजों को विदेशों से आयात नहीं करना होगा. क्योंकि जो पुराने वाहने स्क्रैपिंग पॉलिसी में कबाड़ किए जाएंगे. उन्हें रिसाइकल करके स्टील, प्लास्टिक और रबर का उपयोग ऑटो सेक्टर करेगा. जिससे नए वाहनों की कीमत अपने आप कम हो जाएगी.
PPP मोड़ में स्थापित होंगे फिटनेस सेंटर – व्हीकल्स की फिटनेंस चेंक करने के दिए देश में public-private-partnership में फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएगा. जिससे वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट लेने में आसानी होगी और इससे देश में रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी.