कोरोना इफेक्ट : बीजेपी और कांग्रेस दफ्तर लॉक, कितनी थमेंगी राजनीतिक हलचलें?

कोरोना इफेक्ट : बीजेपी और कांग्रेस दफ्तर लॉक, कितनी थमेंगी राजनीतिक हलचलें?


भोपाल स्थित भाजपा कार्यालय भवन

प्रदेश में दमोह विधानसभा (Damoh Assembly By-Poll) सीट के लिए उपचुनाव के समय में भोपाल स्थित दोनों मुख्य पार्टियों के मुख्यालयों में ताला पड़ने का फैसला क्यों लिया गया और इसका पूरा मतलब कैसे समझा जाए?

भोपाल. प्रदेश में तेज़ी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के कारण राजनीति के दो बड़े केंद्र बीजेपी और कांग्रेस के दफ्तर लॉक हो गए हैं. बीजेपी दफ्तर में कोरोना पॉज़िटिव (Corona Positive Cases) निकलने के बाद प्रदेश कांग्रेस दफ्तर को भी कोरोना ने निशाना बना लिया. बीजेपी दफ्तर (BJP Office) में कोरोना संक्रमित के निकलने पर दफ्तर को 10 दिन लॉक करने का फैसला पार्टी ने लिया, तो वहीं पीसीसी के कार्यालय प्रभारी राजीव सिंह की कोरोना रिपोर्ट पॉज़िटिव होने की खबर के बाद कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश कांग्रेस दफ्तर (PCC Building) को अगले 7 दिनों के लिए लॉक कर दिया है.

प्रदेश में कोरोना संक्रमण हर दिन नया रिकॉर्ड बना रहा है. प्रदेश में संक्रमण की दर तेजी के साथ बढ़ रही है. खबर है कि बीजेपी दफ्तर में छह लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉज़िटिव आने के बाद बीजेपी दफ्तर को 10 दिनों के लिए बंद करने का फैसला पार्टी ने लिया. दूसरी तरफ, प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में भी कर्मचारियों की सुरक्षा और भोपाल में लगाए गए कोरोना कर्फ्यू के बाद पार्टी ने पीसीसी दफ्तर को अगले 7 दिनों के लिए बंद कर दिया है.

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ऐसे में, पार्टी स्तर पर होने वाली राजनीतिक गतिविधियां नहीं हो सकेंगी. वैसे भी पार्टी नेताओं का फोकस फिलहाल दमोह उपचुनाव पर है. बीजेपी और कांग्रेस के नेता दमोह उपचुनाव में पार्टी की जीत के लिए पूरा ज़ोर लगाने का काम कर रहे हैं. माना जा रहा है कि भोपाल स्थित मुख्यालयों में ताला पड़ने से बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को मुश्किलें पेश आ सकती हैं.ये भी पढ़ें : कांग्रेस के साहू निर्विरोध जनपद पंचायत अध्यक्ष, कोरोना के बावजूद जुटी भीड़

एमपी कांग्रेस के संगठन महामंत्री चंद्रप्रभाष शेखर ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस दफ्तर को फिलहाल 7 दिनों के लिए बंद रखा जाएगा और आगे स्थिति को देखते हुए फैसला किया जाएगा. भोपाल में कोरोना कर्फ्यू होने और पार्टी के पदाधिकारियों के कोरोना पीड़ित होने के चलते पार्टी रिस्क नहीं लेना चाह रही है. साफ तौर पर कहा गया है कि अगले 7 दिन तक पीसीसी दफ्तर से कोई राजनीतिक गतिविधि नहीं होगी.

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गौरतलब है कि दमोह उपचुनाव के चलते सोमवार को ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में रैलियों को संबोधित करने दमोह पहुंचे थे. सिर्फ सीएम ही नहीं बल्कि भाजपा और कांग्रेस के बड़े प्रदेश स्तरीय नेता दमोह में या तो डेरा डाले हुए हैं या फिर वहीं फोकस बनाए हुए हैं.









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