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भिंड5 मिनट पहले
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जिला अस्पताल के फीवर क्लीनिक पर महिला का कोविड सेम्पल लेता हुए लैब टेक्नीशियन।
- सोशल डिस्टेंसिंग के पालन में बरती जा रही लापरवाही
भिंड में कोविड-19 वायरस का प्रकोप हर रोज बढ़ता जा रहा है। जिले में हर रोज पॉजिटिव मरीज आ रहे हैं। ऐसे में जिला चिकित्सालय में स्थित फीवर क्लीनिक पर घोर लापरवाही देखने को मिल रही है। यहां कोविड-19 की जांच के लिए आने वाले लोगों की जांच लैब टेक्नीशियन बिना पीपीटी किट पहनकर कर रहे हैं। ऐसे में संक्रमण खतरा बना है। लैब टेक्नीशियन से कोविड वायरस एक से दूसरे तक पहुंचने की आशंका बन रही है।
शहर का जिला चिकित्सालय। यहां से जिलेभर के स्वास्थ्य विभाग की कमांड है। यहां कोविड वार्ड बनाया गया है। फीवर क्लीनिक खोला गया है। चिकित्सा अफसर हेल्थ संबंधी योजनाओं की मॉनिटरिंग करते हैं। इसी अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में लोगों को कोरोना जांच कराने के लिए फीवर क्लीनिक खोला गया। यह फीवर क्लीनिक में कोरोना जांच को लेकर हर रोज बढ़ी तादाद में मरीज आते हैं। यहां आने वाले मरीजों की जांच को लेकर टेक्नीशियन स्टाफ तैनात किया गया है। यह टेक्नीशियन को कोविड की जांच के दौरान मास्क, गुलफ, फेस सीट और पीपीटी किट पहनना अनिवार्य है। यह सबक की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई। यहां आने वाले लोग उस समय भौंचक्के रह रहे हैं जब नियमों की धज्जियां उड़ता देखते हैं। दरअसल यहां पर जो लैब टेक्नीशियन तैनात किए गए है। वे फीवर क्लीनिक पर मरीजों की जांच के दौरान सुरक्षा के इंतजाम पूरे नहीं कर रहे हैं। ऐसे में पॉजिटिव मरीज से लैब टेक्नीशियन को स्वयं संक्रमित हाेने का खतरा है। इसके बाद यह वायरस लैब टेक्नीशियन से अन्य लोगाें तक पहुंच सकता है।
कैमरा देख भागा टेक्नीशियन
जब यह जानकारी जांच के लिए पहुंचने वाले लोगों द्वारा दी गई। भास्कर टीम पहुंची। तब भी मरीजों की जांच करने वाला टेक्नीशियन निकल गया और उसने मरीजों की जांच को ही रोक दिया। इसके बाद उसने पीपीटी किट पहनी। हालांकि सवाल यह है कि जिला चिकित्सालय के अंदर बरती जाने वाली लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी की नजर अब तक क्यों नहीं पड़ी। यह लैब टेक्नीशियन जांच के दौरान अन्य लोगों के संपर्क में लगातार आ रहे हैं। यह सब होने के बाद चिकित्सालय के अधिकारी अनदेखी करने रहे हैं।
दस लोगों के खड़े होने की भी नहीं स्पेस
फीवर क्लीनिक पर हर रोज सौ से अधिक मरीज जांच करने पहुंच रहे हैं। जबकि एक साथ खड़े होने के लिए दस लोगों का भी स्पेस नहीं है। क्लीनिक पर सुबह से शाम तक जांच कराने के लिए आने वालों की भीड़ लगी रहती है। क्लीनिक के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को लेकर गोल घेरे बनाए गए हैं। परंतु क्लीनिक की गैलरी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन खत्म हो रहा है। यहां संदिग्ध और सामान्य व्यक्ति पास-पास ही खड़े हो रहे हैं।
लैब टेक्नीशियन को कारण बताओ नोटिस दिया
सिविल सर्जन डॉ, अनिल गोयल का कहना है कि यह मामला संज्ञान में आते ही लैब टेक्नीशियन को नाेटिस दिया जा चुका है। अब पीपीटी किट पहनकर भी मरीजाें के सेम्पल लिए जा रहे हैं।