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- Was He Not Serving The Country, Harendra Jat’s Brother Devendra Jat Accused The Morena Police Of Insulting Harendra’s Body.
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मुरैना11 मिनट पहले
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- वर्ष 2020 में गणतंत्र दिवस पर मुरैना पुलिस ने हरेंद्र जाट का किया था सम्मान तथा दिया था प्रशस्ति पत्र
- एक तरफ सम्मान किया वहीं मरने पर अपमान किया। क्या गलती की थी मेरे भाई ने।
गणतंत्र दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने पर मिला प्रशस्ति पत्र
मुरैना। जिस ट्रैफिक सिपाही हरेंद्र जाट को मुरैना पुलिस ने वर्ष 2020 में गणतंत्र दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। उसी हरेंद्र जाट को मरने के बाद उसके गांव तक छोड़ने नहीं जा पाई मुरैना पुलिस। मुरैना पुलिस पर अपने छोटे भाई हरेंद्र जाट के शव का अपमान करने का आरोप लगाते हुए देवेंद्र जाट ने कहा कि क्या उसका भाई देश की सेवा नहीं कर रहा था ?
देवेंद्र जाट ने डिजिटल भास्कर को फोन पर बताया कि मुरैना पुलिस ने मेरे भाई का अपमान किया है। देवेंद्र ने मुरैना पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहां कि जिस भाई को वर्ष 2020 में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए गणतंत्र दिवस पर मंच पर बुलाकर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया था उसको मरणोपरांत मुरेना पुलिस ने उसके गांव तक ले जाने की जहमत तक नहीं उठाई।
नीचे की तरफ बंधे थे हाथ, तो कैसे ठूस लिया मुंह में कपड़ा
देवेंद्र जाट ने बताया कि जब उसके भाई के हाथ नीचे की तरफ बंधे हुए थे यानी पंजा पूरी तरह से बंधा था तो उसने मुंह में कपड़ा कैसे ठूंस लिया और कैसे मास्क पहन लिया ? इस बात की जांच पुलिस को करना चाहिए। लेकिन पुलिस केवल आत्महत्या किए जाने की रट रटे जा रही है।
16 साल के गोपाल ने दी अपने चाचा को मुखाग्नि
देवेंद्र ने बताया कि हरेंद्र का अंतिम संस्कार घटना वाले दिन ही रात को उसके पैतृक गांव लठापुरी, गोवर्धन तहसील में कर दिया गया था। उसको मुखाग्नि उसके चाचा के बेटे गोपाल ने दी थी। गोपाल अभी 16 वर्ष का है तथा 12वीं कक्षा में पढ़ता है।
पुलिस अधीक्षक ने नहीं उठाया फोन
इस संबंध में जब मुरैना पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पांडे से उनके मोबाइल नंबर 942 5470 870 पर बात करना चाहिए तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।