भाजपा की सभा: शिवराज बोले राहुल 4-5 बार मेरे पास आए; मैंने मना किया, मगर विकास के लिए उन्होंने विधायकी छाेड़ी

भाजपा की सभा: शिवराज बोले राहुल 4-5 बार मेरे पास आए; मैंने मना किया, मगर विकास के लिए उन्होंने विधायकी छाेड़ी


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दमोह9 मिनट पहले

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गार्डन में रजक समाज सम्मेलन को संबोधित करते भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह, मंचासीन सीएम चौहान।

  • मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दमोह में डेरा डाला, प्रत्याशी राहुल सिंह के समर्थन में बांदकपुर में सभा की
  • सीएम ने मंच से कहा- सभी मास्क पहनें, संक्रमण से बचाव करें

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की विधायकी से इस्तीफा देने के बाद 28 विधानसभा सीटों पर चुनाव चल रहे थे, इस बीच राहुल सिंह 4 से 5 बार आए, मैंने विधायकी छोड़ने से मना किया, लेकिन वह नहीं माने, वे मेडिकल कॉलेज के लिए अड़े थे, उन्हें विकास चाहिए था। क्योंकि कांग्रेस की सरकार सुन नहीं रही थी। भगवान ने भी राहुल सिंह को सद्बुद्धि दी और राहुल कांग्रेस छोड़कर आ गए।

जब वहां पर कोई काम नहीं हो रहा था तो राहुल क्या करते? यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बांदकपुर में सोमवार को बीजेपी प्रत्याशी राहुल सिंह के पक्ष में आमसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि राहुल विकास की शर्त पर आए हैं। नहीं आते तो पांच साल बाद क्या मुंह दिखाते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 के चुनाव में मध्यप्रदेश में हम दो से तीन सीटों से पीछे रह गए। हमने तय कर लिया था कि हम सरकार नहीं बनाएंगे, जबकि बना सकते थे, नैतिकता का तकाजा था, क्योंकि वाेट हमारे ज्यादा थे, लेकिन विधायक उनके पास थे। फिर सवा साल कांग्रेस की सरकार चली। उन्होंने सभी का कर्जा माफ करने की बात कही, लेकिन कर्जा माफ नहीं हुआ, ब्याज की गठरी सिर पर रख गई। कमलनाथ ने मध्यप्रदेश को बर्बाद कर दिया था।
उन्हाेंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर निशाना लगाते हुए कहा कि वे उपचुनाव के लिए दमोह आए थे, दो दिन रुक कर गए। जहां पर भी जाते हैं, बीजेपी को फायदा होता है। कांग्रेस के वोट कट जाते हैं। इस बीच मुख्यमंत्री ने आने वाले समय में बांदकपुर सहित हर गांव में पाइप लाइन से पानी पहुंचाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बांदकपुर और दमोह विधानसभा में विकास की कोई कसर नहीं रहने दूंगा। इसकी गारंटी मैं, यहां के केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और पूरा मंच लेता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बांदकपुर पूरे मध्यप्रदेश के लिए है। जैसे विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाकर विकास किया जाता है, उसी तरह जागेश्वरधाम बांदकपुर का विकास होगा। उन्होंने कहा कि जो सब को देते हैं, ऐसी नगरी है यह बांदकपुर। भगवान शिव की इस नगरी का अद्भुत विकास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश यहां जाता है, उनकी सुविधाओं का निर्माण हो, सुव्यवस्थित दुकानें हों, मैं कोई घोषणा नहीं कर रहा। मेरा कर्तव्य है, भगवान शिव की महान नगरी उस दृष्टि से निर्मित हो। धर्म क्षेत्र के रूप में विकसित होगा।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने प्रदेश को लूटा है। कांग्रेस को इस उपचुनाव में रवानगी मिलेगी। भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह ने कहा कि कांग्रेस के प्रत्याशी भावनाओं में बहकर भूल गए कि यह स्थान भोलेनाथ की नगरी है, यहां पर किसी की आलोचना नहीं करूंगा। यहां पर किसी की आलोचना करने से अच्छा है यहां पर इतना मांग लिया जाए कि यह स्थान राम मंदिर की तरह भव्य तरीके से जागेश्वरधाम का मंदिर बन जाए।
उन्होंने कहा कि यहां पर शौचालय, लाइट और पानी की व्यवस्था गड़बड़ा जाती है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, कैबिनेट मंत्री गोपाल भार्गव और बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी ने भी संबोधित किया। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह, दर्शन सिंह सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष हेलीकॉप्टर से बांदकपुर के पास उतरे और सीधे मंदिर में दर्शन करने पहुंच गए। वहां पर दर्शन के बाद वे मंदिर से बाहर निकले और स्ट्रीट वेंडर रामा की चाय की दुकान पर पहुंचे और वहां पर चाय पी और कार्यक्रम स्थल पर रवाना हो गए।
सोशल डिस्टेंसिंग भूले, खाने को लेकर लूटमार मची
जैसे ही मुख्यमंत्री की सभा खत्म हुई और वे हेलीपेड के लिए रवाना हो गए, इस बीच मंच के बाजू में एक दुकान में ग्रामीणों को खाना के पैकेट बांटने का सिलसिला चालू हाे गया। इस बीच ग्रामीणों में खाना के पैकेट को लेकर लूटमार मच गई। लोग पैकेट छीनकर भागने लगे। झूमाझटकी चालू हो गई।

इस बीच ग्रामीणों ने खाने के चक्कर में न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया और न ही मास्क पहने थेे। इसी तरह मंच पर तो मुख्यमंत्री ने मास्क लगाने का आव्हान किया, लेकिन मंच पर बैठे एक नेता ने न मास्क लगाया और न ही दूरी बनाई। मंच पर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।

प्रदेश में कोरोना का बढ़ रहा संक्रमण, फिर भी स्वास्थ्य मंत्री दमोह उपचुनाव में भाजपा पार्टी के मॉडल बने हुए हैं

संजय मौर्य

प्रदेश में कोरोना बहुत तेजी से फैल रहा है, यहां तक कि जांचें नहीं हो पा रही हैं, मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह पलंग नहीं मिल रहे हैं, लेकिन इन सब समस्याओं के बीच में जिनके कांधों पर मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा है, वे इन दिनों व्यवस्था सुधारने की जगह दमोह विधानसभा उपचुनाव में जगह-जगह बीजेपी का प्रचार करने में लगे हैं। जी हां यहां पर बात मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभूराम चौधरी की हो रही है, जो पूरे मध्यप्रदेश में इन दिनों कोरोना फैलने और उसे रोकने में नाकाम होने की वजह से चर्चा का विषय बने हुए हैं। प्रभूराम चौधरी पिछले कई दिनों से दमोह में हैं और बीजेपी का प्रचार करने में लगे हैं। कहीं पर वे बैठकों में शामिल होते हैं तो कहीं पर वार्डों में जाकर घर-घर जनसंपर्क कर रहे हैं।

बड़े नेताओं की हर आमसभा में उनकी उपस्थिति देखी जा रही है। मंच से वे स्वयं के रिकार्ड मतों से जीतने की बात कहते हैं और दमोह में स्वयं का उदाहरण रखते हैं। दरअसल कांग्रेस से बीजेपी में आए 28 विधायकों में से सांची विधानसभा से कांग्रेस के विधायक प्रभूराम चौधरी भी शामिल थे। बीजेपी में आने के बाद हुए उपचुनाव में उन्हें 63, 135 वोट से जीत मिली थी।

यह जीत बीजेपी की सबसे बड़ी जीत बताई गई थी। जिसके बाद उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। यह बात भी एक संयोग है कि कांग्रेस की सरकार में प्रभूराम स्कूल शिक्षा मंत्री थे और दमोह के प्रभारी मंत्री भी थे, इसलिए वे अपने अनुभव का पूरा लाभ पार्टी को दे रहे हैं।

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