सावधान! इस गैंग की पहली पसंद SBI के ग्राहक: कपड़ों पर पहले थूकते हैं फिर मैला जैसा दिखाकर करते हैं लूट; फोन नहीं रखते, बिना नंबर की गाड़ी से चलते हैं; पढ़िए इनके तीन तरीके

सावधान! इस गैंग की पहली पसंद SBI के ग्राहक: कपड़ों पर पहले थूकते हैं फिर मैला जैसा दिखाकर करते हैं लूट; फोन नहीं रखते, बिना नंबर की गाड़ी से चलते हैं; पढ़िए इनके तीन तरीके


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झुंझुनूं39 मिनट पहले

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झुंझुनूं पुलिस की गिरफ्त में सांसी गैंग के 4 बदमाश।

  • MP के इस गैंग ने राजस्थान सहित 7 राज्यों में 65 वारदातों को अंजाम दे चुकी है

मध्यप्रदेश के चोरों का राजस्थान में आतंक है। इस गैंग ने राजस्थान सहित सात राज्यों में 65 वारदातों को अंजाम दे चुकी है। इनकी खासियत- कपड़ों पर पहले थूकते हैं फिर लूट करते हैं। SBI के बैंक पहली पसंद हैं। बैंक से निकलने वाले लोग इनके रडार पर होते हैं। गैंग में अपराध करने के लिए चार से पांच लोग साथ रहते हैं। राजस्थान के झुंझुनूं में 25 मार्च को स्टेट बैंक के बाहर हुई 10 लाख रुपए की लूट मामले में मंगलवार को पुलिस ने खुलासा किया। जहां से इस अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश हुआ।

झुंझुनूं लूट मामले में पुलिस ने सांसी गैंग के 4 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये सभी मध्यप्रदेश के राजगढ़ में कड़िया गांव के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया कि इस गांव में सांसी जाति के लोग रहते हैं। लोगों के कपड़ों पर थूककर चोरी, जेब कतरी जैसे अपराधों को अंजाम देते हैं। लूट के लिए एसबीआई के बैंक से निकलने वाले ग्राहकों पर इनकी नजर होती है।

बैंक और शादियों से पैसे चुराने का करते हैं काम

पुलिस ने मामले में मध्यप्रदेश के राजगढ़ में कड़िया गांव के रहने वाले ओम पुभ अशोक, बाबु पुत्र विक्रम, कैलाश पुत्र बलवंत और रीतिक पुत्र महेश को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकारा है कि वे राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में बैंक, शादियों से पैसे चुराने का काम करते हैं। साथ ही जेब काटने में भी माहिर हैं।

कार में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमते हैं

जांच में पता चला कि इस गैंग के 4 से 5 लोग कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमते हैं। फोन का भी उपयोग नहीं करते। जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों से फर्जी सिम लेते हैं। अगर कहीं रुकना पड़े तो ऐसे होटल में नहीं रुकते जहां आईडी देना पड़े। इसलिए धार्मिक स्थानों और ढाबों पर रात गुजारते हैं। जहां वारदात को अंजाम देना होता है, वहां से करीब 100 किलोमीटर दूर रुकते हैं।

वारदात का पहला तरीका- एसबीआई के बैंक रहते हैं निशाने पर
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ये गैंग वारदात करने के लिए ऐसे बैंक को चुनती है, जो भीड़भाड़ वाले इलाके में हो। भारतीय स्टेट बैंक की ब्रांच हमेशा इनके निशाने पर रहती हैं, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। गैंग में से एक या दो युवक अंदर जाकर देखते हैं कि किस व्यक्ति द्वारा बड़ी नकदी निकलवाई गई है। वहीं, एक व्यक्ति बैंक के बाहर और दूसरा बैंक से काफी दूर गाड़ी लेकर खड़ा रहता है। जैसे ही कोई व्यक्ति थैले या बैग में पैसे लेकर आता है तो अंदर के युवक बाहर खड़े सदस्य को इशारा कर देता है। बैंक से नकदी निकालकर बाहर आए व्यक्ति का ध्यान हटते ही बदमाश पैसे पार कर फरार जाते हैं।

वारदात का दूसरा तरीका- बिस्किट खाकर थूकते हैं
जांच में सामने आया कि ये गैंग मंडियों में फसल बेचकर नकदी प्राप्त करने वाले लोगों और त्योहारों में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में रैकी करती है। यहां कोई व्यक्ति नकद रुपयों के साथ दिखता है तो उसकी रैकी कर एक सदस्य बिस्किट चबाकर उसके कपड़ों पर थूक देता है। फिर उसे उल्टी का मैला जैसा दिखाते हैं। शिकार व्यक्ति मैले को खुद पर देखकर साफ करने के लिए पानी के नल को तलाशने लग जाता। जैसे ही शिकार अपने बैग को नीचे रखता, गैंग के सदस्य उसे लेकर पार हो जाते हैं।

वारदात का तीसरा तरीका- सर्दियों में शादियों को बनाते हैं निशाना
सर्दियों में लोग गर्म कपड़े पहनते हैं। ऐसे में इस गैंग के लिए नकदी पार करना मुश्किल हो जाता है। तब ये शादियों में चोरी करने का काम करते हैं। किसी बड़े शादी समारोह में वहां भीड़ भाड़ के बीच घुस जाते हैं। वेटर और सफाई करने के बहाने भी ऐसे आयोजनों में शामिल हो जाते हैं। जो शादी में आए लिफाफों से भरा बैग पार कर ले जाते हैं।

सबसे ज्यादा राजस्थान में 28 वारदात
पुलिस की गिरफ्त में आए इन चार आरोपियों ने राजस्थान में 28, मध्यप्रदेश में 17, उत्तरप्रदेश में 10, हरियाणा में 3, महाराष्ट्र में 3, छत्तीसगढ़ में 3, गुजरात में 1 मामले अंजाम देने की बात स्वीकारी है। जो दस दिन से लेकर 2 साल पुरानी तक हैं।

इस मामले में हुआ खुलासा
25 मार्च को दिन में करीब पौने 12 बजे झुंझुनूं के बगड़ इलाके में रहने वाले रिटायर्ड फौजी बनवारीलाल SBI बैंक से 10 लाख रुपए निकलने आए थे। उन्होंने रुपए का थैला अपनी बाइक के साइड बैग में रख दिया। इसके बाद बाइक स्टार्ट करने लग गए। इस दौरान पीछे खड़ा एक युवक पैसों का थैला निकालकर भाग गया। जब तक बनवारीलाल कुछ समझ पाए, लुटेरा भाग चुका था।

दिनदहाड़े बैंक के गेट पर 10 लाख की लूट:बेटी की शादी के लिए पैसे निकालने आया था रिटायर्ड फौजी, जिंदगीभर की जमापूंजी लूट ले गए बदमाश

(रिपोर्ट- एमडी मुस्लिम, झुंझुनूं)

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