आग के कारण 400 एकड़ में लगी फसल राख हो गयी.
Satna.इस अग्निकांड में मेहुती और सुहास गांव के लगभग दो सौ किसानों के सपने आग की लपटों में झुलस गए. आशंका है कि बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगी.
सतना में कोरोना के साथ आग भी हाहाकार मचाए हुए है. अब फिर खेतों में आग लग गयी. लेकिन ये इस बार अब तक की सबसे बड़ी घटना है. जिले में गेहूं के खेत में आग लगने की सबसे बड़ी घटना सामने आई. इसमें लगभज 400 एकड़ से ज्यादा रकबे में लगी फसल जलकर राख में तब्दील हो गई. किसानों की मेहनत पर आग की लपटें भारी पड़ीं. कुछ ही मिनटों में सबकुछ जलकर राख हो गया.
400 एकड़ की फसल खाक
सतना जिले के जैतबारा कस्वे के पास मेंहुती गांव में एक खेत में गेहूं की खड़ी फसल में आग लगी. इसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया. हवा चलने के कारण ये तेज़ी से फैली और खेतों को अपनी चपेट में लेते हुए पास के सुहास गांव तक पहुंच गयी. आस पास के ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाया. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. आग की लपटों ने लगभग चार सौ एकड़ में लगी खेत में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसल को राख में तब्दील कर दिया. कुछ फसल कट भी चुकी थी लेकिन खलिहान तक नहीं ले जाई जा सकी थी, इसलिए गट्ठे वहीं खेत में रखे थे. वो भी आग की चपेट में आ गईं.200 किसान बर्बाद
इस अग्निकांड में मेहुती और सुहास गांव के लगभग दो सौ किसानों के सपने आग की लपटों में झुलस गए. आशंका है कि बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगी. इसे मिलाकर अब तक जिले में करीब 700 किसानों की पकी फसल आग की भेंट चढ़ चुकी है. सांसद गणेश सिंह ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि सरकार सर्वे कराकर किसानों को हर्जाना देगी. सांसद ने कहा ज़्यादातर जगहों पर बिजली विभाग की लापरवाही से आग लगी.
अटरा गांव में भी आग
उचेहरा जनपद क्षेत्र के अटरा गांव में गेहूं की कटाई के दौरान हार्वेस्टर मशीन में आग लगी और उससे उठी चिंगारी ने मशीन समेत फसल को राख कर दिया. उस वक्त खेत में फसल की कटाई हो रही थी. आग के कारण खेत में खड़ी फसल जलकर राख हो गयी. गांव वालों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. किसान की एक एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई.