IPL 2021: कैसे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते-करते क्रिकेटर बन गए शाहबाज, बड़ी दिलचस्प है उनकी कहानी

IPL 2021: कैसे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते-करते क्रिकेटर बन गए शाहबाज, बड़ी दिलचस्प है उनकी कहानी


शाहबाज अहमद ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में एक ही ओवर में तीन विकेट लेकर अपनी टीम आरसीबी को जीत दिलाई थी. (PIC:PTI)

शाहबाज अहमद (Shahbaz Ahmed) के रूप में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (RCB) को इस आईपीएल (IPL 2021) में नया सितारा मिला. उनकी क्रिकेट खेलने की कहानी भी काफी दिलचस्प है. परिवार उन्हें इंजीनियर बनाना चाहता था. लेकिन शाहबाज क्रिकेट खेलना चाहते थे. परिवार भी उनकी इस चाहत के आड़े नहीं आया और आज उन्हें इस मुकाम पर देखकर सब खुश हैं.

नई दिल्ली. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए आईपीएल 2021 (IPL 2021) का आगाज शानदार रहा है. टीम अपने पहले दो मैच जीतकर अंक तालिका में पहले स्थान पर है. मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ पहले मैच में जहां हर्षल पटेल (Harshal Patel) 5 विकेट लेकर आरसीबी की जीत के हीरो बने तो सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ दूसरे मुकाबले में जीत का सेहरा शाहबाज अहमद (Shahbaz Ahmed) के सिर बंधा. अहमद ने मैच में सिर्फ दो ओवर ही गेंदबाजी की और तीन विकेट हासिल किए. अहम बात ये है कि शाहबाज ने तीनों विकेट हैदराबाद की पारी के 17वें ओवर में लिए और यहीं से मैच का रुख बेंगलुरु की ओर पलट गया. इसके बाद से ही इस ऑलराउंडर को लेकर चर्चा हो रही है. लेकिन शाहबाज के लिए आईपीएल तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा. पिता तो चाहते थे कि वो इंजीनियर बनें. लेकिन, शाहबाज की चाहत क्रिकेट खेलने की थी. परिवार उनकी इस चाहत के आड़े कभी नहीं आया और हमेशा क्रिकेट खेलने के लिए उनकी हौसला अफजाई की.

शाहबाज हरियाणा के मेवात जिले से आते हैं. पिता अहमद जान सरकारी कर्मचारी हैं. दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने शाहबाज के इंजीनियरिंग छोड़ क्रिकेट खेलने की कहानी साझा की. उन्होंने बताया कि  परिवार की इच्छा थी कि शाहबाज इंजीनियर बने. क्योंकि जिले में उनके गांव की पहचान उच्च शिक्षित लोगों की वजह से ही है. शाहबाज के गांव में कई लोग इंजीनियर और डॉक्टर हैं. ऐसे में शाहबाज के पिता भी यही चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर इंजीनियर बने. इसलिए 12वीं के बाद उसका एडमिशन फरीदाबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में कराया. लेकिन शाहबाज का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था और वो क्लास छोड़कर क्रिकेट खेलने चले जाते थे.

शाहबाज को परिवार इंजीनियर बनाना चाहता था
अहमद जान ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि बेटा इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने की बजाए क्रिकेट खेलने चला जाता है. एक दिन यूनिवर्सिटी की तरफ से उनके पास एक लेटर आया कि उनका बेटा क्लास में आता नहीं. पिता को भी बेटे के क्लास न जाने की जानकारी मिलने पर बुरा लगा. उन्होंने फिर शाहबाज से बात की. उनसे कहा कि वो पढ़ाई या क्रिकेट में से किसी एक पर ध्यान लगाएं. तब शाहबाज ने पिता से अपने दिल की बात कही और पढ़ाई की जगह क्रिकेट को चुना. यहां से उनके प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने के सफर की शुरुआत हुई. उन्होंने गुरुग्राम की एक क्रिकेट एकेडमी में जाना शुरू किया. क्रिकेट के साथ-साथ उन्होंने पढ़ाई भी जारी रखी और इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की.इसे भी देखें, बुमराह की शादी का एक महीना पूरा, संजना संग फोटो शेयर कर बताया ‘बेस्ट फ्रेंड’

आरसीबी ने पिछले आईपीएल में शाहबाज को 20 लाख में खरीदा था
शुरुआती क्रिकेट दिल्ली, हरियाणा में खेलने के बाद शाहबाज क्रिकेट खेलने के लिए बंगाल चले गए. यहां क्लब क्रिकेट खेलते-खेलते उन्हें 2018-19 में बंगाल के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला. अगले ही साल रणजी ट्रॉफी में उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ हैट्रिक लेकर सनसनी मचा दी. इतना ही नहीं, इस ऑलराउंडर ने बंगाल के लिए नंबर-1 पर बल्लेबाजी करते हुए 36 से ज्यादा की औसत से 509 रन बनाए और कई मौकों पर टीम की तय दिख रही हार को जीत में तब्दील कर दिया. इसके अलावा उन्होंने 16.80 के औसत से 35 विकेट भी लिए. घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के कारण शाहबाज को पिछले साल आईपीएल नीलामी में आरसीबी ने 20 लाख रुपए में खरीदा. लेकिन पिछले सीजन में उन्हें सिर्फ दो मैच खेलने का ही मौका मिला.

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शाहबाज ने 6 गेंद में तीन विकेट लेकर सनराइजर्स के खिलाफ जीत दिलाई
इस साल आईपीएल से पहले शाहबाज ने विजय हजारे ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया था. उन्होंने बंगाल के लिए पांच मैच में 163 रन बनाने के साथ सबसे ज्यादा 8 विकेट भी लिए. इसी फॉर्म को देखते हुए उन्हें इस साल आईपीएल के पहले दोनों मैच में प्लेइंग-11 में जगह मिली. शाहबाज मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहले मैच में तो कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके. लेकिन सनराइजर्स के खिलाफ दूसरे मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 6 गेंदों में मनीष पांडे, जॉनी बेयरस्टो और अब्दुल समद के विकेट लेकर आरसीबी को जीत दिलाई. इस प्रदर्शन के बाद उनका कद बढ़ गया और टीम को आगे भी उनसे ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद है.









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