Scrapping Policy को दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में दी चुनौती, याचिका में रखा ये तर्क

Scrapping Policy को दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में दी चुनौती, याचिका में रखा ये तर्क


स्क्रैपिंग पॉलिसी को दिल्ली हाईकोर्ट में दी चुनौती.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने बीते महीने लोसभा मे स्क्रैपिंग पॉलिसी का ऐलान किया था. इस पॉलिसी के लागू होने के बाद 15 साल पुराने कमर्शियल वाहन और 20 साल पुराने प्राइवेट व्हीकल्स को फिटनेस सर्टिफिकेट की जरूरत होगी.

नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के मोटर वाहन कबाड़ संबंधी दिशा-निर्देशों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर कहा गया है कि, इन नियमों के तहत लाइसेंस की अनिवार्यता से छोटे और मध्यम स्तर के कबाड़ कारोबारियों को नुकसान होगा. याचिका में कहा गया है, ’इन दिशा-निर्देशों से छोटे और मध्यम वाहन कबाड़ियों को नुकसान होगा जो पीढ़ियों से यह काम कर रहे हैं.’

याचिका में रखें ये तर्क – दिल्ली के निवासी इंद्रजीत सिंह ने अपनी याचिका में दावा किया है कि, दिल्ली मोटर वाहन कबाड़, 2018 दिशा-निर्देशों को जारी करने से पहले छोटे कारोबारियों से राय नहीं ली गई. याचिका में यह भी कहा गया है कि दिशा-निर्देश ’ असंवैधानिक, मनमाने और अन्यायपूर्ण’ हैं. साथ ही मोटर वाहन अधिनियम के विपरीत हैं. क्योंकि इनके तहत केन्द्र को ही वाहन और उनके पुर्जों को रिसाइकल करने के तरीकों को लेकर नियम तय करने की शक्ति दी गई है. याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि इन दिशा-निर्देशों को अमान्य घोषित किया जाए.

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मार्च में लोकसभा में किया था ऐलान –  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने बीते महीने लोसभा मे स्क्रैपिंग पॉलिसी का ऐलान किया था. इस पॉलिसी के लागू होने के बाद 15 साल पुराने कमर्शियल वाहन और 20 साल पुराने प्राइवेट व्हीकल्स को फिटनेस सर्टिफिकेट की जरूरत होगी. यदि ये वाहन फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाते हैं तो इन वाहन को स्क्रैपिंग पॉलिसी के अंर्तगत कबाड़ कर दिया जाएगा.8 साल पुराने व्हीकल्स को देना होगा ग्रीन टैक्स- स्क्रैपिंग पॉलिसी के लागू होने के बाद 8 साल पुराने कमर्शियल और प्राइवेट वाहनों को ग्रीन टैक्स देना होगा. ये टैक्स रोड़ टैक्स का 15 से 20 फीसदी होगा और इस टैक्स से जो पैसे जमा होंगे उन्हें प्रदूषण की रोकथाम पर खर्च किया जाएगा.

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नया वाहन खरीदने पर मिलेगी छूट- स्क्रैपिंग पॉलिसी में अगर आप अपने पुराने वाहन को कबाड़ करते है तो आपको नया वाहन खरीदने पर 5 प्रतिशत तक छूट मिलेगी. इसके साथ ही सरकार की ओर से रोड़ टैक्स पर 15 से 25 फीसदी की छूट मिलेगी. इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर दी जाएगी. वहीं स्क्रैप करें हुए वाहन की कीमत का 4 से 6 प्रतिशत आपको प्रोत्साहन के तौर पर भी मिलेगा.

कच्चे माल की कमी दूर होगी- स्क्रैपिंग पॉलिसी लागू होने के बाद ऑटो कंपनियों को व्हीकल्स के निर्माण के लिए स्टील, प्लास्टिक, रबर और कई जरूरी चीजों को विदेशों से आयात नहीं करना होगा. क्योंकि जो पुराने वाहने स्क्रैपिंग पॉलिसी में कबाड़ किए जाएंगे. उन्हें रिसाइकल करके स्टील, प्लास्टिक और रबर का उपयोग ऑटो सेक्टर करेगा. जिससे नए वाहनों की कीमत अपने आप कम हो जाएगी.









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