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इंदौर12 मिनट पहले
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फाइल फोटो
जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी जारी है। महू एसडीएम अभिलाष मिश्रा ने यहां तिवारी मेडिकल स्टोर व मालवा मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। यहां तय कीमत से ज्यादा दामों में रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचा जा रहा था। एसडीएम ने मेडिकल स्टोर संचालक को फटकार लगाकर हिदायत दी कि जितने भी लोगों को यह इंजेक्शन बेचें, उसकी सूची चस्पा करें। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं, कलेक्टर मनीष सिंह ने ऑक्सीजन सिलेंडर भरने वाले प्लांट को चेतावनी दी, निर्धारित राशि में ही सिलेंडर भरें। एक बड़े सिलेंडर में 10 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन आती है। इन प्लांटों पर तैनात अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उनकी निगरानी में ही प्लांट द्वारा सिलेंडर भरे जाएं। ऐसी व्यवस्था करें, प्लांट द्वारा ज्यादा राशि की वसूली नहीं की जाए। यह सुनिश्चित हो कि 40 मीटर, जिसमें जीएसटी अलग से रहेगा, के अलावा अधिक राशि नहीं वसूली जाए। अगर कोई प्लांट संचालक अधिक राशि वसूलता है, तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाए।
कालाबाजारी के ये दो केस भी
- एसटीएफ ने गुरुवार को चिड़ियाघर के पास रेमडेसिविर बेच रहे एमआर राजेश पिता जगदीश पाटीदार निवासी राऊ और उसके दोस्त ज्ञानेश्वर पिता धनराज बारसकर निवासी भमौरी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में कबूल किया है, ये इंजेक्शन वे विजयनगर स्थित राज मेडिकल के अनुराग पिता घनश्याम सिंह निवासी स्कीम 114 से खरीद कर लाए थे। तीनों से 12 इंजेक्शन जब्त किए गए थे।
- गुरुवार को पीथमपुर स्थित फार्मा कंपनी इपोक के मालिक डॉ. विनय शंकर त्रिपाठी निवासी रानीबाग से 20 लाख रुपए के 400 इंजेक्शन जब्त किए गए थे। क्राइम ब्रांच एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर के अनुसार वह हिमाचल में अवैध रूप से इंजेक्शन बनाकर यहां बेचने लाया था।