शहडोल में 12 मौतें का सच: ऑक्सीजन की सप्लाई का सिस्टम फेल; रात 11 बजे पहुंचना था टैंकर, दमोह में खराब हो गया और अस्पताल में तड़प-तड़प कर मरीजों ने दम तोड़ दिया

शहडोल में 12 मौतें का सच: ऑक्सीजन की सप्लाई का सिस्टम फेल; रात 11 बजे पहुंचना था टैंकर, दमोह में खराब हो गया और अस्पताल में तड़प-तड़प कर मरीजों ने दम तोड़ दिया


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Oxygen Supply System Fails; The Tanker Was To Arrive At 11 O’clock At Night, Broke Down In Damoh

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भोपाल14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी।

  • सरकार के दावे कागजों तक सीमित, शासन-प्रशासन नाकामी को छुपाने में जुटा

शहडोल मेडिकल अस्पताल में ऑक्सीजन टैंकर न पहुंचने से ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई है। इसकी वजह से शनिवार रात 12 बजे के बाद 12 संक्रमित गंभीर मरीजों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। शासन-प्रशासन अपनी नाकामी को छुपाने में जुट गया है। इस मामले की सच्चाई यह है कि ऑक्सजीन का एक टैंकर 17 अप्रैल को रात 11 बजे पहुंच जाना था, लेकिन दमोह में वह खराब हो गया। शहडोल मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. मिलिंद शिलारकर का कहना है कि कोरोना से 62 मरीज गंभीर थे। रात में ऑक्सीजन का प्रेशर कम हो गया था।

सूत्रों के मुताबिक शहडोल जाते समय कल शाम दमोह में खराब हो गया, लेकिन इसकी सूचना शहडोल जिला प्रशासन को देर शाम तक नहीं मिली थी। इस बीच ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों की हालत खराब होने लगी। आनन-फानन में प्रशासन के अफसर भी अस्पताल पहुंच गए थे। इन मरीजों को छोटे सिलेंडर से ऑक्सीजन देने का इंतजाम शुरू किया गया, लेकिन यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं था। रविवार दोपहर 12:30 बजे टैंकर नहीं पहुंचा था।

सबसे पहले रात 12:30 बजे दो मरीजों की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। मरीजों के परिजनों को अस्पताल प्रशासन कोई जानकारी नहीं दे रहा था। रात 2 बजे के बाद मरने वालों की संख्या 6 हो गई, जबकि सुबह यह आंकड़ा 12 मरीजों की मौत होने का सामने आया।

इस घटना से ऑक्सीजन सप्लाई के सिस्टम को फेल साबित कर दिया। सरकार के सभी दावे कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि ऑक्सीजन के टैंकर को एंबुलेंस का दर्जा दिया गया है। इन्हें प्लांट से रवाना होने से लेकर अस्पताल तक पहुंचाने के दौरान पुलिस का वाहन आगे रहेगा, लेकिन दमोह में टैंकर खराब होने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई।

शहडोल में ऑक्सीजन की कमी से 12 मरीजों की मौत:तड़प रहे मरीजों को मास्क दबाकर ऑक्सीजन देने की कोशिश करते रहे परिजन; 6 घंटे में 12 गंभीर संक्रमितों ने दम तोड़ा

जबलपुर में हो चुकी 5 मरीजों की मौत
इससे पहले 15 अप्रैल को जबलपुर ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से 5 मरीजों की मौत हो गई थी। वह भी सभी वेंटिलेटर पर थे। वहीं 4 की हालत गंभीर हो गई थी। पहली मौत वेंटिलेटर पर 82 वर्षीय महिला की हुई थी। जबकि 4 लोगों ने सुख-सागर मेडिकल कॉलेज दम तोड़ा था। इसके बाद भी शासन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।

सारंग ने कहा – ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई मौत
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि उन्होंने शहडोल के मेडिकल डीन से बात हुई है। जिन मरीजों की मौत हुई है। वे गंभीर अवस्था में थे। ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई। लेकिन जरूरत होगी तो इस मामले की जांच कराएंगे।

कांग्रेस का आरोप- सरकार झूठे आंकड़े परोस रही

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि सरकार ऑक्सीजन की आपूर्ति के झूठे आंकड़े पराेस रही है। उन्होने सोशल मीडिया पर लिखा- अब शहडोल में ऑक्सिजन की कमी से मौतों की बेहद दुखद खबर। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर,जबलपुर ,खंडवा और खरगोन में ऑक्सिजन की कमी से मौतें होने के बाद भी सरकार नहीं जागी। आख़िर कब तक प्रदेश में ऑक्सिजन की कमी से यूं ही मौतें होती रहेगी।

खबरें और भी हैं…





Source link