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- Ritual Performed In The Mahakal Temple With 3 Kintal Wood, Two And A Half Kintal Sugar, Rice, Panch Nuts, Ghee For The Destruction Of The Corona
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उज्जैन4 मिनट पहले
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सोमवार को अति रुद्र महामृत्यु�
श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा कोरोना संक्रमण कम करने के लिए प्रदोष पर्व से अति रूद्र महामृत्युंजय अनुष्ठान प्रारंभ किया गया था। श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा आयोजित 11 दिवसीय अनुष्ठान के दौरान 76 पंडित दो शिफ्ट में प्रतिदिन एक महारुद्र महामृत्युंजय जाप किया। 11 दिवस में 11 महारुद्र से एक अति रुद्र महामृत्युंजय जाप कर सोमवार को पूर्णाहुति दी गई। पूर्णाहुति में महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक सुजान सिंह रावत, सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी भी शामिल हुए। इनके साथ करीब 70 से अधिक पंडित ने पांच कुंडीय यज्ञ अनुष्ठान कर पूर्णाहुति दी। यह यज्ञ मंदिर समिति द्वारा कोरोना वायरस के समूल उन्मूलन और जनकल्याणर्थ के लिए किया था। मंदिर परिसर में 9 अप्रैल से सुबह 8 बजे अनुष्ठान शुरू हुआ था। सबसे पहले महाकाल मंदिर के प्रशासक और एडीएम ने गर्भ गृह में पूजन किया था। इस दौरान पिछले 11 दिनों से रोजाना महाकाल मंदिर में अनुष्ठान के लिए 76 पंडे पुजारियों को नंदी हाल में बैठाया गया। जहां रोजाना अनुष्ठान अति रुद्र महामृत्युंजय जाप किया गया। महाकाल मंदिर के यज्ञ कक्ष में अनुष्ठान की पूर्णाहुति दी गई। इसमें 3 क्विंटल लकड़ी, करीब ढाई क्विंटल शक्कर, चावल, पंच मेवा, घी आदि हवन सामग्री लगी। समिति सचिव लोकेन्द्र व्यास पुरोहित ने बताया कि मान्यता है कि महाकाल कालों के काल है और अब जिस तरह कोरोना अपना विकराल रूप लेकर आम लोगों की जान ले रहा है उससे सिर्फ अब महाकाल ही बचा सकते है।