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जबलपुर2 घंटे पहले
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- कोविड पेशेंट ने परिजनों से गुहार लगाते हुए सुनाई मेडिकल में हालात की भयावह दास्तां
बेटा प्लीज… कैसे भी कुछ भी करो लेकिन मुझे यहाँ से निकालो, घर पर ठीक हो जाऊँगा और मर भी गया तो कम से कम सुकून रहेगा कि तुम लोगों को देख तो लिया है। यहाँ के हालात तो हर पल मौत का अहसास करवा रहे हैं। मेडिकल अस्पताल में भर्ती एक कोविड पेशेंट ने इस मार्मिकता के साथ अपने परिजनों से गुहार लगाते हुए अस्पताल के भयावह हालात की जानकारी दी।
दरअसल संजीवनी नगर निवासी 59 वर्षीय व्यक्ति को कोरोना टेस्ट के बाद पॉजिटिव आने के बाद पाँच दिन पूर्व मेडिकल अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था। परिजनों के अनुसार मोबाइल पर हुई बातचीत के दौरान मरीज ने कहा कि मेडिकल अस्पताल में इलाज के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएँ हो रही हैं। गंभीर और सामान्य किसी भी मरीज का इलाज एक जैसा हो रहा है। यह इकलौता मामला नहीं है। बल्कि शासकीय अस्पतालों में भर्ती कई मरीज हर दिन अपने परिवार वालों को मोबाइल पर इस तरह की जानकारियाँ दे रहे हैं, जिसको लेकर मेडिकल प्रबंधन और प्रशासनिक स्तर पर भी सूचनाएँ व शिकायतें हो रहीं हैं, लेकिन हालात सुधरने की जगह जस के तस बने हुए हैं।
पहले डिस्चार्ज करा लिया होता तो बच जाती जान!
मेडिकल में भर्ती कोविड संक्रमित की मौत पर परिजनों ने लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि घमापुर निवासी हितेंद्र कुमार धर को विगत दिनों मेडिकल में भर्ती कराया गया था उनकी हालत में सुधार भी हुआ, लेकिन एक दिन पहले ही डॉक्टरों ने यह कह दिया कि मरीज की हालत बेहद खराब है। उनकी मुँहबोली बहन संध्या अग्रवाल ने बताया कि मेडिकल में उपचार के नाम पर घोर लापरवाही की जा रही है। अगर उनके भाई को पहले ही डिस्चार्ज करा लिया गया होता तो उनकी जान न जाती। परिजनों ने मामले की जाँच की माँग की है। पी-4