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जबलपुर10 मिनट पहले
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निजी अस्पतालों की मनमानी के विरोध में अनशन।
निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों का इलाज के नाम पर हो रहे शोषण और जिम्मेदारों के मूक दर्शक बने रहने से दुखी शहर के एक नागरिक ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। अनूठे अंदाज में अपने ही घर में बैनर लगाकर अनशन कर रहे इस नागरिक की मांग है कि निजी अस्पतालों में लूट-खसोट बंद होना चाहिए। महामारी के इस दौरान निजी अस्पतालों को आगे बढ़कर मानवीय संवदेना दिखानी चाहिए।
जानकारी के अनुसार अधारताल क्षेत्र के गौरीशंकर मंदिर कटरा के पास रहने वाले कोमल रैकवार ने अपने घर पर मंगलवार दोपहर 12 बजे से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। कोमल रैकवार के मुताबिक वह ये भूख हड़ताल किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विरोध में नहीं कर रहे हैं। एक आम नागरिक की हैसियत से उन्होंने ऐसा करने का निर्णय लिया है। जब चारों ओर कोरोना को लेकर हाहाकार मचा है। लोगों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहे हैं।
आम परिवार निजी अस्पतालों का महंगा इलजा कैसे कराए
पिछले एक वर्ष से लाेगों की आर्थिक स्थित डांवाडोल है। ऐसे में निजी अस्पतालों में मरीजों के साथ लूट मची है। निजी अस्पतालों में भर्ती से पहले दो लाख रुपए एडवांस जमा कराए जा रहे हैं। न्यूनतम बिल पांच से छह लाख रुपए का बनाया जा रहा है। एक सामान्य परिवार इतना महंगा इलाज कहां से कराएगा।
शासन निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाए
जब इस महामारी के दौर में निजी अस्पतालों को समाज हित में आगे आगकर मानवता दिखाना चाहिए था, ताे वे पैसे कमाने में लगे हैं। इसी के विरोध में उनका ये अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल है। शासन निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाए। तब तक उनका ये संकल्प जारी रहेगा।