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इंदौर12 मिनट पहले
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एमवाय अस्पताल में खाली पड़े थे �
एक तरफ इंदौर में कोविड पेशेंट को भर्ती करने अस्पतालों में एक-एक बेड के लिए मारामारी हो रही है। वहीं प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल एमवायएच में तीन मंजिलें पूरी तरह खाली पड़ी हैँ। यहां चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल पर कोई पेशेंट भर्ती नहीं है। इसका खुलासा कांग्रेसी विधायक संजय शुक्ला के दौरे के दौरान हुआ। विधायक सोमवार को एमवाय अस्पताल और चाचा नेहरू अस्पताल पहुंचे।
शुक्ला का कहना है, अस्पताल में तीसरी मंजिल पर कोविड मरीजों के लिए वार्ड बनाने का कहा गया था। उसे छोड़ पूरा अमला राधा स्वामी परिसर में लगा है। डॉक्टर से लेकर नर्स तक अस्पताल में नहीं हैं। लोगों को परेशान होता देख डीन को फोन लगाया, तो बोले कि घर पर हूं। एक घंटे बाद आऊंगा। इस पर बड़े अस्पताल प्रभारी पीएस ठाकुर के दफ्तर में तलाशा, तो वे भी नहीं थे। विधायक ने कहा कि जब बड़े अस्पताल में कोविड वार्ड बनाने को कहा गया था, तो फिर काम क्यों नहीं शुरू हुआ?
एमवाय में अन्य बीमारों से भी बात की।
चाचा नेहरू अस्पताल का भी शुक्ला ने दौरा किया। यहां भी अस्पताल खाली मिले। कोई मरीज भर्ती नहीं था। पूछताछ में पता चला कि कोरोना के मरीजों को यहां भर्ती नहीं किया जा रहा है। शुक्ला ने कहा कि दो सरकारी अस्पतालों में लापरवाही चल रही है।
जिम्मेदारों का कहना
मामले में एमवाय अधीक्षक डॉ. पीएस ठाकुर का कहना है कि धीरे-धीरे गंभीर मरीजों को शिफ्ट कर रहे हैं। वहां आईसीयू बेड खाली किए जा रहे हैं। पेशेंट कम कर रहे हैं। केवल गंभीर मरीजों को ही रखा है। अभी भी 355 मरीज एमवाय में गंभीर अवस्था वाले जो नॉन कोविड हैं, वे भर्ती हैं। सभी आईसीयू और आसीसीयू फुल हैं।
वहीं चाचा नेहरू अस्पताल के प्रभारी हेमंत जैन के मुताबिक अधीक्षक एमवाय अस्पताल और कमिश्नर का आदेश हैं, यहां यदि किसी को ऑक्सीजन की आवश्कता हो तो नहीं रखते हैं। यहां केवल उन्हीं को रखते हैं, जिस मरीज का ऑक्सीजन लेवल ठीक हो। कल से कोविड डे केयर सेंटर बनाया है। इसमें एमआरटीबी, सुपर स्पेश्यलिटी और एमटीएच अस्पतालों में भर्ती मरीज जिन्हें रेमडेसिविर लग रहा है, लेकिन ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है, उन्हें यहां शिफ्ट करते हैं।