ऑक्सीजन की सप्लाई: मुख्यमंत्री का था दावा-6 माह में बनने लगेगी 200 टन ऑक्सीजन, हकीकत-7 माह बाद चारदीवारी भी अधूरी

ऑक्सीजन की सप्लाई: मुख्यमंत्री का था दावा-6 माह में बनने लगेगी 200 टन ऑक्सीजन, हकीकत-7 माह बाद चारदीवारी भी अधूरी


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Hoshangabad
  • Chief Minister’s Claim 200 Tons Of Oxygen Will Start To Be Made In 6 Months, Reality Boundary Wall Also Incomplete After 7 Months

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

होशंगाबाद/माखननगर29 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मोहासा इंडिस्ट्रियल एरिया में प्लांट की अभी बाउंड्रीवॉल ही पूरी नहीं बनी है।

  • जिस कंपनी को दी जमीन उसे करार में ही दिया दो साल का समय, उत्पादन में और लगेंगे डेढ़ साल

10 सितंबर 2020 को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने घोषणा की थी कि होशंगाबाद जिले के मोहासा में 6 महीने के भीतर प्लांट पर 200 टन ऑक्सीजन बनने लगेगी। 7 महीने से ज्यादा गुजर चुके हैं लेकिन अब तक प्लांट की चारदीवारी भी पूरी नहीं बनी है। सीएम ने बाकायदा अपने सोशल मीडिया अकाउंट से घोषणा की थी कि 6 महीने में कंपनी ऑक्सीजन बनाना प्रारंभ कर देगी लेकिन हकीकत यह है कि जिस ऑइनॉक्स कंपनी को प्लांट के लिए जमीन दी गई है, उसमें करार ही दो साल का है। कंपनी के अफसरों का स्पष्ट कहना है उत्पादन शुरू होने में अभी डेढ़ साल और लगेगा।

प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से लगातार मौतें हो रही हैं। मोहासा में प्रदेश के पहले बड़े ऑक्सीजन प्लांट में उत्पादन शुरू नहीं हो पाया है। प्लांट में मशीनें लगना तो दूर अभी चारदीवारी भी पूरी नहीं बनी हैं। प्लांट का अक्टूबर 2020 में भूमिपूजन और दिसंबर 2020 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। केवल बाउंड्रीबाल बन रही है। 11 एकड़ क्षेत्र में कंप्रेशर, कोल्ड यूनिट, टरबाइन, कोल्ड बॉक्स, लिक्विड टैंक आदि का निर्माण होना है। बाउंड्रीवॉल के कालम के अतिरिक्त कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। हालांकि कंपनी ने पहले ही 2022 तक ऑक्सीजन उत्पादन शुरू करने का समय सरकार काे दिया है। मप्र औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने ऑक्सीजन प्लांट बनाने के लिए जमीन दी है।

करीब 200 कराेड़ रुपए से मोहासा इंडस्ट्रियल एरिया में बनना है ऑक्सीजन प्लांट

काम में तेजी लाने दो-तीन दिन में बढ़ाएंगे मजदूर
कंपनी के कंस्ट्रक्शन मैनेजर सौम्य विस्बाल ने बताया वर्तमान में 50 से 70 मजदूर कार्य कर रहे हैं। दो तीन दिन में और मजदूर बढ़ाए जाएंगे। हम कंपनी द्वारा दिए समय डेढ़ साल में काम कर देंगे।
लॉकडाउन की वजह से काम की गति धीमी
एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक ऋषि गर्ग ने बताया आईनाॅक्स कंपनी काे 2022 से ऑक्सीजन का उत्पादन करना है। अनुबंध के बाद जमीन दे दी है। निर्माण कार्य शुरू हाे गया है। कंपनी ने समय पर ऑक्सीजन उत्पादन करने की बात कही है। लाॅॅकडाउन की वजह से काम में कुछ गति नहीं आई है लेकिन समय पर ही सभी काम हाेंगे। करीब 200 कराेड़ रुपए से यह प्लांट लग रहा है।

अक्टूबर में दी थी 11 एकड़ जमीन
सितंबर में आइनॉक्स ने ‘इंटेशन टू इन्वेस्ट’ (निवेश में रूचि) दिया। 27 अक्टूबर को राज्य सरकार ने मोहासा में कंपनी को 11 एकड़ जमीन 99 साल के लिए देने की लीज दी है। आयनॉक्स ने अभी तक सिर्फ बाउंड्रीवाल का ही काम शुरू किया है। विभाग का कहना है कि लार्ज स्केल यूनिट को उत्पादन शुरू करने के लिए चार साल का वक्त दिया जाता है। विशेष परिस्थितियों में इसे एक साल बढ़ाया भी जा सकता है।

धीमे काम की ये हैं असल वजह
1कंपनी सूत्रों की माने तो अभी मजदूरों और स्टील की बढ़ती कीमतें और परिवहन की समस्या आ रही है। हालांकि प्रशासन का पूरा सहयोग कंपनी को मिल रहा है।
2मोहासा प्लांट में मेडिकल ऑक्सीजन 150 टन प्रतिदिन, नाइट्रोजन गैस 54 मीट्रिक टन प्रतिदिन तथा ऑर्गन गैस 6 मीट्रिक टन प्रतिदिन का उत्पादन होना है।

अल्ट्रा उच्च शुद्धता क्रायोजेनिक तरल चिकित्सा और औद्योगिक ऑक्सीजन संयंत्र लगेगा। इसमें विदेश से आयातित अत्याधुनिक मशीनों के द्वारा मेडिकल ऑक्सीजन का निर्माण हाेगा।

– अनिल खमेसरा, यूनिट हेड आइनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स

खबरें और भी हैं…



Source link