ये भी है कोरोना वारियर: ऑक्सीजन सिलेंडरो की लोडिंग व अनलोडिंग में दिन-रात जुटे है मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और निगमकर्मी

ये भी है कोरोना वारियर: ऑक्सीजन सिलेंडरो की लोडिंग व अनलोडिंग में दिन-रात जुटे है मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और निगमकर्मी


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  • Class IV Employees And Corporators Of Medical College Are Engaged In The Loading And Unloading Of Oxygen Cylinders Day And Night.

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रतलाम40 मिनट पहले

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सिलेंडर अनलोडिंग करते कर्मचारी

  • शुक्रवार रात से ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए नगर निगम के वाहनों से ऑक्सीजन सिलेंडर लाने और अनलोडिंग करने के कार्य में जुटे हैं कर्मचारी

रतलाम मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही ऑक्सीजन की कमी की समस्या भी आ रही है । जहां लगातार आक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति करने के लिए मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ नगर निगम के कर्मचारी भी अपना योगदान दे रहे हैं। रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की सांसो को सहारा देने के लिए जरूरी ऑक्सीजन के सिलेंडर यह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपने कंधे पर दिन-रात ढो रहे हैं। रतलाम मेडिकल कॉलेज में कल देर रात ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी आने की वजह से अफरातफरी का माहौल बन गया था। लेकिन नगर निगम रतलाम की टीम ने मोर्चा संभालते हुए नगर निगम के वाहनों से ऑक्सीजन की आपूर्ति मेडिकल कॉलेज में की जा रही है। वही रात भर इन सिलेंडरों को लोडिंग और अनलोडिंग करने का काम मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और नगर निगम कर्मचारियों ने किया है। वहीं आज भी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति के लिए नगर निगम की टीम और मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जुटे हुए हैं।

गौरतलब है कि कोरोना की महामारी के दौरान डॉक्टर,मेडिकल स्टाफ और पुलिस कोरोना योद्धा के रूप में दिन रात जुटे हुए हैं। वही कुछ ऐसे कोरोना वारियर भी हैं जिनकी मेहनत और सेवा कोरोना से जारी इस जंग में अहम योगदान दे रही है। रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने की वजह से ऑक्सीजन की डिमांड और आपूर्ति का अंतर बहुत कम रह गया है। ऐसी ही एक स्थिति शुक्रवार रात निर्मित हो गई जब ऑक्सीजन प्लांट में ऑक्सीजन बेहद कम बची रह गई। जिसके लिए आनन-फानन में नगर निगम के 50 कर्मचारियों और वाहनों की मदद से मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू की गई। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में ऑक्सीजन सिलेंडरों की लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य करने के लिए लोगों की कमी पड़ गई। लेकिन मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और नगर निगम के कर्मचारियों ने रात भर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति को बनाए रखा और कई मरीजों की जान बचाने में अपना अहम योगदान दिया है।

बहरहाल नगर निगम के कर्मचारियों के साथ ही मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जिनमें वार्डबॉय ,सिक्योरिटी गार्ड, टेक्नीशियन और सफाईकर्मी शामिल है किसी कोरोना योद्धा से कम नहीं है जो मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की जिंदगी बचाने में अपना अलग ही योगदान दे रहे हैं ।

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