स्थिति भयावह: कागजों में 10 कोविड केयर सेंटर, सिर्फ 2 में मिल रहा इलाज वह भी कुछ घंटे

स्थिति भयावह: कागजों में 10 कोविड केयर सेंटर, सिर्फ 2 में मिल रहा इलाज वह भी कुछ घंटे


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जबलपुर20 मिनट पहले

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  • 26 सौ मरीजों को भर्ती करने का था दावा, पलंग, गद्दे डाले और बन गया सेंटर,
  • चिकित्सकीय स्टाफ की कमी बन रही सबसे बड़ी बाधा

शहर में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने और मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि लोगों को इलाज ही नहीं मिल रहा है। अस्पतालों में इलाज न मिलने पर कोविड केयर सेंटर फिर से शुरू करने की बात आई। कागजों में तो 10 कोविड केयर सेंटर शहर में शुरू हो गये हैं। जहाँ सिर्फ गद्दे और पलंग डाल दिये गये हैं बाकी की सुविधा नदारद हैं। दो सेंटर हकीकत में चल रहे हैं, लेकिन वह भी मेडिकल स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं।

इन सेंटरों में कुछ घंटे का इलाज तो मिल जाता है और मरीजों को कुछ राहत मिल जाती है, लेकिन रात में इन सेंटरों में कोई देखने वाला नहीं है। प्रशासन का दावा था कि सभी सेंटरों के शुरू होने के बाद 26 सौ से ज्यादा मरीजों को उपचार मिल सकेगा। अभी लेकिन अव्यवस्थाएँ पूरी तरह से हावी हैं। इन सेंटरों में भी ज्यादातर ऐसे हैं जहाँ मरीजों को ऑक्सीजन जैसी कोई सुविधा नहीं मिलेगी सिर्फ जो लोग घरों में नहीं रह सकते ऐसे मरीजों को इन सेंटरों में रखा जायेगा।

सिंधु भवन में 8 से 8 तक ही उपचार{ शहर में घंटाघर के पास स्थित सिंधु भवन में कुछ दिन पहले 80 बेड का कोविड केयर सेंटर शुरू किया गया है। यहाँ दो शिफ्ट में विक्टोरिया में पदस्थ दो एमबीबीएस डॉक्टर जिसमें डाॅ. प्रवीण सोनी और डाॅ. अभिनव सोनी हैं और 4 नर्स ड्यूटी कर रहे हैं। यहाँ लेकिन सुबह 8 बजे से रात के 8 बजे तक ही उपचार मिलता है। वर्तमान में यहाँ 15 से 20 मरीज रहते हैं जिन्हें रात में स्थिति बिगड़ने पर रवाना कर दिया जाता है। सुविधा के नाम पर 25 सिलेंडर हैं, लेकिन मरीजों को भर्ती करने की सुविधा न होने से कोई यहाँ रुकता नहीं है।

ज्ञानोदय में सिर्फ सौ बेड की सुविधा- रांझी क्षेत्र में स्थित ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय में कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। यहाँ वैसे तो 5 सौ बेड की व्यवस्था हो सकती है और प्रशासन ने भी 5 सौ बेड की सुविधा देने की बात कही थी। यहाँ फिलहाल सौ बेड लगाये गये हैं जिसमें से 80 बेड ऑक्सीजन वाले हैं।

बाकी जगह के ऐसे हाल

गुजराती मंडल– गुजराती भवन मढ़ाताल में 140 बिस्तरों वाला सेंटर बनाया गया है। यहाँ लेकिन अभी सिर्फ पलंग और गद््दे बस हैं, स्टाफ न होने से मरीज नहीं आ रहे हैं।

देवजी नेत्रालय– जोतपुर तिलवारा पुल के पास 200 बिस्तरों वाला कोविड केयर सेंटर बनाया जा रहा है। तैयारी चल रही है यहाँ ऑक्सीजन की लाइन लगनी है।

अग्रसेन कल्याण मंडपम – विजय नगर में 100 बिस्तरों के कोविड केयर सेंटर में व्यवस्थाएँ की जा रही हैं, लेकिन यह शुरू नहीं हो पाया है।
एकलव्य आदर्श आवासीय हॉस्टल- रामपुर क्षेत्र में स्थित इस सेंटर में 400 बेड की व्यवस्था की जानी है। पिछले साल भी सेंटर बना था, लेकिन इसकी शुरुआत नहीं हो पाई है।

क्रीड़ा परिसर- तिलहरी में आदिम जाति विभाग के इस परिसर में 150 बेड का सेंटर शुरू होना है।

महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास- अधारताल क्षेत्र में स्थित इस सेंटर में 100 बेड की व्यवस्था की जानी है, लेकिन यहाँ भी कोई सुविधा नहीं है।

एकलव्य हॉस्टल – बरबटी बरगी रोड में स्थित इस सेंटर में 500 बेड की व्यवस्था की जानी है। पिछले साल भी इस सेंटर को शुरू किया गया था।

नेक पहल: शुरू हुआ 150 बेड का कोविड केयर सेंटर

भगवान महावीर की जयंती के उपलक्ष्य में श्री दिगम्बर जैन मंदिर गढ़ा ट्रस्ट की नवनिर्मित धर्मशाला में 150 बिस्तर के कोविड आइसोलेशन सेंटर की शुरूआत सभी धर्मों और वर्गों के लिए की गई। सेंटर संयोजक राजेश जैन, अशोक जैन, संजीव गुड्डू जैन, डॉ. स्वप्निल जैन व डॉ. मयूर जैन के संयुक्त प्रयास द्वारा शुरू किया गया। जिसमें पूर्व मंत्री शरद जैन, अशोक चावल, पंचायत सभा के पूर्व महामंत्री सनत जैन, अध्यक्ष अशोक जैन आदि का सहयोग है।

600 बिस्तरों के कोविड केयर सेंटर का काम शुरू

शहर में एक और कोविड केयर सेंटर शुरू होने वाला है जिसमें 6 सौ बिस्तर रहेंगे और ऑक्सीजन की सुविधा बनाने पर विचार चल रहा है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और एसडीएम जबलपुर नम: शिवाय अरजरिया ने शनिवार को माढ़ोताल के पास स्थित डी मार्ट में बनने वाले इस सेंटर का निरीक्षण किया। सेंटर लगभग तैयार हो गया है। यहाँ पलंग आदि की व्यवस्था की जा रही है, इसके साथ ही मेडिकल स्टाफ और मरीजों के भोजन, दवाई आदि की व्यवस्था करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये हैं।

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