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इंदौर23 मिनट पहले
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लोगों को अपनी सुविधा से सिलेंड
सांवेर रोड स्थित ऑक्सीजन प्लांट पर मरीजों के परिजन खाली सिलेंडर लेकर घंटों लाइन में लगने को मजबूर हैं। इंदौर ही नहीं कई लोग देवास, उज्जैन के नजदीक समेत दूरदराज से आकर अपनों की सांसें बचाने की जद्दोजहद में लगे हैं। मप्र में शासन-प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद भी मरीजों को ऑक्सीजन की पूर्ति कराने में असफल नजर आ रहा है। नतीजा, शहर में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। मरीजों की सांसें बचाने के लिए उनके परिजन घंटों लाइन में लगकर दूरदराज से ऑक्सीजन प्लांट पर पहुंच रहे हैं।
सांवेर रोड पर ऑक्सीजन प्लांट पर देवास-उज्जैन समेत अन्य जिलों से मरीजों के परिजन सोमवार को चिलचिलाती धूप में ऑक्सीजन के खाली सिलेंडर लेकर पहुंचे। प्रशासन का कहना है, जामनगर से टैंकर आता है। लाइन में लगे परिजनों का परिजनों का कहना है, डॉक्टरों ने उन्हें ऑक्सीजन के अभाव में छुट्टी देकर घर पहुंचा दिया है। अब घर पर जिंदा रहने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता है, लेकिन सुबह 5 बजे से लाइन में लगने के बाद भी ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। डॉक्टर की पर्ची मांगी जा रही है, जिस पर डॉक्टर द्वारा ऑक्सीजन की आवश्यकता दर्शाना अनिवार्य बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन रात 8 बजे तक की देने की बात कही जा रही है।
प्लांट के बाहर सिलेंडर की कतार।
अस्पतालों ने हाथ खड़े किए
देवास से आए मुम्बाराम जाट का कहना था कि वह आज की तारीख का ही पर्चा बनवा कर लाया है, क्योंकि ऑक्सीजन देने के लिए प्लांट से अस्पताल का पर्चा मांगा जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि हमारे पास व्यवस्था नहीं है। आप खुद करवा कर ले आएं, तो हम मरीज को ऑक्सीजन लगा देंगे
सिलेंडर लेने आए अमजद शेख का कहना था कि डॉक्टरों ने अस्पताल से छुट्टी कर दी है। कह दिया कि अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं है। आप घर पर ही ले जाएं। इन्हें ऑक्सीजन दें। प्लांट पर खड़े कर्मचारी उसी दिन का परिचय मांग रहे, जिस दिन आपको ऑक्सीजन सिलेंडर चाहिए । रोजाना नया परचा अस्पताल से लाना बड़ा मुश्किल सा हो गया है।
प्रशासन का कहना था कि लगातार जिला प्रशासन आपूर्ति कर रहा है। जामनगर जाने के बाद ही यहां जनता और अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। अस्पतालों के साथ आम व्यक्ति द्वारा, उन्हें भी एक-एक सिलेंडर दिया जा रहा है।