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- On Social Media, Telling People To Be A Patient, Then By Pretending To Sell Oximeter Cheaply, The People Who Are Making The Thugs In The Disaster Are Victimized.
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ग्वालियर7 मिनट पहले
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- राज्य साइर सेल ने पूरे प्रदेश में किया अलर्ट जारी, कहा ऐसे धोखेबाजों से रहें सावधान
यदि आपके पास ऑनलाइन ऑक्सीमीटर या दवा खरीदने के लिए कोई कंपनी का मैसेज या कहीं सोशल मीडिया पर एड या लिंक आई है तो सावधान रहिए। कहीं ऐसा न हो कि कम दाम में ऑक्सीमीटर या दवा खरीदने के चक्कर में आप अपनी जीवनभर की कमाई गंवा बैठें। हाल ही में प्रदेश में ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं। जिसमें इस तरह से लोगों के साथ ठगी हुई है। यही कारण है कि बुधवार को राज्य साइबर सेल द्वारा एक एडवाइजरी जारी की गई है। जिसमें इस तरह की ठगी से बचने और क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए उसके संबंध में बताया गया है।
राज्य साइबर जोन ग्वालियर SP सुधीर अग्रवाल ने बताया कि ठग गिरोह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। वह इस आपदा के समय में भी लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। अभी ग्वालियर में तो इस तरह कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन भोपाल, इंदौर व अन्य शहरों में कोविड के नाम पर ठगी की शिकायतें सामने आई हैं। वैसे ही इस आपदा में आम इंसान परेशान है और उसके साथ ही वह इस तरह से ठगी का शिकार हो जाए तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। इसलिए ऐसे समय में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, किसी भी तरह का लेनदेन, ऑनलाइन शॉपिंग विशेषकर दवा या मेडिकल उपकरण की खरीद करने से बचना चाहिए। यदि ऑनलाइन खरीदना भी है तो कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प ही चुनना चाहिए।
हाल ही इस तरह सामने आए मामले
500 रुपए का ऑक्सीमीटर खाते से निकल गए 15 हजार
- मुरैना निवासी राजेश प्रतापति के पिता 10 दिन पहले कोविड पेशेंट आए थे। इस पर उन्होंने ऑक्सीजन स्तर जानने के लिए मेडिकल स्टोर से ऑक्सीमीटर खरीदने की सोची, लेकिन वहां 1500 रुपए में ऑक्सीमीटर मिल रहा था। इस पर उन्होंने इंटरनेट पर सर्च किया तो कई कंपनियों के एड सामने आ गए। एक मिचासो कंपनी सिर्फ 500 रुपए में अच्छी क्वालिटी का ऑक्सीमीटर दे रही थी। तत्काल उन्होंने कंपनी के एड में दिए नंबर पर कॉल किया। उनका कॉल रिसीव भी हुआ। बुकिंग के लिए उनसे कुछ जानकारी मांगी। इसके बाद उन्होंने बुकिंग कन्फर्म करने के लिए एक लिंक भेजी। लिंक खोलते ही एक एप डाउनलोड हुआ। इसके बाद राजेश का मोबाइल अपने आप ऑपरेट होने लगा। जब यह सिलसिला थमा तो पता लगा कि अकाउंट में जमा 15 हजार रुपए निकल गए।
खुद को पेशेंट बताकर मांगी मदद
- हाल ही में ग्वालियर और आसपास के शहर दतिया-भिंड में इस तरह के मामले आ रहे हैं। जिसमें सोशल मीडिया के एक प्लेटफार्म के मैसेंजर पर उनके ही परिचित के अकाउंट से मैसेज आया है। उसने अपना एक फोटो डाला है। जिसमें वह कोविड हॉस्पिटल में भर्ती है। रुपयों की सख्त जरूरत होने की बात लिखी है। साथ ही एक ई-वॉलेट का नंबर भी दिया है। कई लोगों ने परिचित को कॉल किए बिना ही कैश ट्रांजेक्शन कर दिया। किसी ने 500 तो किसी ने 1500 रुपए उसके खाते में डाल दिए। बाद में जब परिचित को कॉल किया तो पता लगा कि वह तो बिल्कुल ठीक है यह मैसेज उसकी आईडी के क्लोन आईडी से किए गए थे।
वैक्सीन रजिस्ट्रेशन का OTP भेज ठगे 40 हजार
- करीब डेढ़ महीने पहले जब वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन ही रजिस्ट्रेशन हो रहे थे तो इस तरह के कुछ ठगी के भी मामले सामने आए थे। ग्वालियर निवासी दिनेश कुमार के मोबाइल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए एक लिंक आई। लिंक ओपन की तो बताया गया कि यहां रजिस्ट्रेशन से बिना लाइन के झंझट के आसानी से वैक्सीन लगवाने का मौका मिलेगा। इस पर वह तैयार हो गए। नाम, पता व फोटो ID की डिटेल लेने के बाद एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) मोबाइल पर भेजा। जैसे ही दिनेश ने OTP बताया तो उनके खाते से 40 हजार रुपए निकल गए। ठगी का अहसास हुआ तो जिले के क्राइम ब्रांच पहुंचे और शिकायत की।
यह रखें सावधानी
- जब तक पुष्टि न हो किसी अनजान व्यक्ति को ट्रांजेक्शन न करें।
- कोई दवा या मेडिकल उपकरण के लिए इंटरनेट पर सर्च व सोशल मीडिया पर एड में दिख रहे नंबर पर विश्वास न करें।
- ऐसे नंबर को पहले जांच कर सत्यापन कर लें, तभी कोई ट्रांजेक्शन करें।
- जिस कंपनी से कोई उपकरण या दवा मंगा रहे हैं तो उसी कंपनी के नाम से जारी अकाउंट में ट्रांजेक्शन करें।
- सोशल मीडिया पर भावनाओं में बहकर किसी की मदद के लिए अनजान व्यक्ति के खाते में पैसा जमा न करें।
- कोशिश करें कि ऑनलाइन पैमेंट की अपेक्षा कैश ऑन डिलीवरी से ही प्रोडक्ट मंगाए।