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- Due To 10% Staff, Preparations Could Not Be Completed Till April 30, Marks Will Be Given On The Basis Of Test And Half yearly Examination.
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मध्य प्रदेश3 मिनट पहले
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों की कक्षा 9वीं व 11वीं के परिक्षा परिणाम अब 15 मई को घोषित होंगे। पहले यह 30 अप्रैल को घोषित करने का निर्णय लिया गया था। बुधवार देर शाम लोक शिक्षण आयुक्त ने संशोधित आदेश जारी कर दिया है। जिसमें स्कूलों के प्राचार्यों से 15 मई तक रिजल्ट घोषित करने कहा गया है। शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में कोरोना महामारी की रफ्तार बढ़ने के साथ ही सरकार ने सरकारी दफ्तरों में स्टॉफ की संख्या अधिकतम 10% कर दी है। ऐसे में गए टेस्ट व अर्द्धवार्षिक परीक्षा के आधार पर परीक्षा परिणाम तैयार करने में वक्त लग रहा है। इसे ध्यान में रखकर ही रिजल्ट घोषित करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय स्कूलों को दिया गया है। खास बात यह है कि पहली बार 10वीं व 12वीं की तरह 9वीं व 11वीं का परीक्षा परिणाम भी ऑनलाइन दिखेगा। शासन ने आदेश जारी कर बताया है कि 16 अप्रैल तक सभी स्कूल परीक्षा परिणाम घोषित करें व 5 मई तक विमर्श पोर्टल पर डाले। इसके साथ ही 10वीं व 12वीं की परीक्षा को पहले मई में कराया जाना था। जिसे आगे बढ़ा दिया गया है। अब जून में ये परीक्षाएं होगी।
जानिए… विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया
- 20-28 नवंबर तक लिए रिवीजन टेस्ट व 1 फरवरी से 9 तक ली अर्द्धवार्षिक परीक्षा में से विद्यार्थियों ने जिसमें बेहतर अंक प्राप्त किए हो, उसके आधार पर परिणाम आएगा।
- परिणाम की गणना वेस्ट 5 के आधार पर होगी। यदि विद्यार्थी 6 में से 5 विषय में पास है व 1 में न्यूनतम 33 अंक प्राप्त नहीं कर सका तो उसे पास घोषित किया जाएगा।
- 1 से अधिक विषयों में न्यून. निर्धारित अंक न आने वाले विद्यार्थियों के लिए कृपांक के रूप में अधिक. 10 देंगे। ये जरूरत के हिसाब से 1 से ज्यादा विषयों में दिए जा सकेंगे।
- कृपांक अंक के बाद भी यदि विद्यार्थी को 2 या अधिक विषयों में न्यूनतम निर्धारित अंक प्राप्त नहीं हुए है तो उसे परीक्षा के लिए दूसरा अवसर दिया जाएगा। ऐसे विषय जिनमें विद्यार्थी द्वारा पहले परीक्षा में न्यूनतम निर्धारित अंक प्राप्त किए गए थे। उन विषयों में उसे दोबारा से परीक्षा देनी होगी।
- द्वितीय अवसर उन विद्यार्थियों को भी दिया जाएगा, जो रिवीजन टेस्ट व अर्द्धवार्षिक परीक्षा दोनों परीक्षा में शामिल नहीं हुआ है। लेकिन संबंधित विद्यार्थी ने सत्र 2020-21 में सरकारी स्कूल में प्रवेश लिया था।