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- Demand For Compensation Of 50 50 Lakhs To The Families Of Kovid Dead, Kept From The Government, Demand Of Trains To Be Made As Kovid Hospital
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बालाघाट10 मिनट पहले
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धरने पर बैठै पूर्व विधायक किशोर समरीते
अब तक कोविड-19 से जितने भी लोगों की जान गई है, उनके परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देना चाहिए। कोविड का उपचार निशुल्क हो, 4500 से अधिक यात्री ट्रेनों को कोविड अस्पताल बनाया जाए। यह कहना है लांजी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक किशोर समरीते का। कोविड काल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने और व्यवस्थाओं को परिस्थिति के अनुकूल बदलने संबंधी 29 सूत्रीय मांगों को लेकर विधायक समरीते 28 अप्रैल से अनशन पर बैठे हैं।
उन्होंने कहा कि कोविड के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। व्यापार बंद हैं, बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ी है। ऐसे में प्रदेश और केंद्र सरकार को ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। ऐसी जरूरी मांगों को लेकर वे सात दिवसीय अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सारे पैथोलॉजी में जांच मुफ्त होनी चाहिए। इस बड़े संकट में सरकार को सेना की मदद लेनी चाहिए। अगर सरकार सेना की मदद लेती है तो निश्चित तौर पर तीन महीने में देश से कोरोना संकट दूर हो जाएगा, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
कोविड का उपचार निशुल्क हो, ये सरकार की जवाबदेही
पूर्व विधायक समरीते ने कहा कि प्रदेश के लगभग सभी अस्पतालों में लूट मची है। ऐसे में ये सरकार की जवाबदेही बनती है कि कोविड मरीज को निशुल्क उपचार मुहैया कराए। आज रेमडेसिविर इंजेक्शन 35 हजार रुपए में बिक रहा है। दवाओं की कालाबाजारी करने वालों के लिए कड़े कानून बनाने चाहिए। प्रदेश के ज्यादातर अस्पतालों में कहीं वेंटिलेटर नहीं, कहीं पर ऑक्सीजन की सुविधा नहीं है।
पूर्व विधायक ने कहा कि दो सालों से बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ी है। उन्हें जनरल प्रमोशन देना चाहिए। व्यापारियों के साथ आम जनता के बिजली बिल माफ होने चाहिए। व्यापारियों की सारी बैंक किश्तें माफ होनी चाहिए। अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है तो अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठूंगा।