सेवा भाव: जरूरतमंदों को भोजन कराने के लिए हर रोज दाल-सब्जी, पूड़ियां लेकर निकल पड़ते हैं ये युवा

सेवा भाव: जरूरतमंदों को भोजन कराने के लिए हर रोज दाल-सब्जी, पूड़ियां लेकर निकल पड़ते हैं ये युवा



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  • These Youngsters Come Out With Pulses And Vegetables Every Day To Provide Food To The Needy.

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खंडवा8 मिनट पहले

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  • कोरोना कर्फ्यू के दौरान बस स्टैंड, रेलवे स्टैंड सहित बाजार में मिल रहे जरूरतमंदों को हर रोज भोजन करा रहे

कोरोना कर्फ्यू में जहां कोई जरूरतमंद दिखा, इन युवाओं की टीम बाल्टियों में दाल, सब्जी व पुड़ियां लेकर पहुंच जाती है। यही नहीं ये सेवाभावी टीम उन गरीब जरूरतमंदों को पत्तल-दोने में अपने हाथों से पेट भरने तक खाना भी परोसती। सेवा का यह सिलसिला हर रोज दोनों समय जारी है।

कोविड महामारी के कारण जहां कोरोना कर्फ्यू में जनमानस घरों में रहकर इसका पालन कर रहे हैं, वहीं बहुत से लोग ऐसे हैं, जो गरीब, जरूरतमंद हैं और खुले आसमान में रहने को मजबूर हैं। ये गरीब कोरोना कर्फ्यू के चलते दो समय का भोजन भी नहीं जुटा पा रहे। ऐसे में कुछ समाजसेवी संस्थाएं तो सेवारत हैं ही, जबकि अस्पताल कर्मी राजीव मालवीय, पुलिस हेड कांस्टेबल दिनेश कुमरावत, यातायात जवान दिगंबर सहित कारपेंटर राकेश मालवीय, राजेश मालवीय, गौतम मालवीय हर दिन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं अस्पताल के आसपास जरूरतमंदों को भोजन करा रहे हैं।

नहीं लेते मदद, स्वयं जुटाते हैं खाद्य सामग्री : सेवाभाव का काम कर रहे राकेश मालवीय, राजू मालवीय ने बताया भूखे व जरूरतमंद लोगों को भोजन कराने का यह नेक काम पिछले साल कोरोना काल में भी हमारी टीम ने किया था। इस साल भी हमने यह शुरुआत की है और जारी रहेगी। राकेश ने बताया भोजन के लिए टीम के सारे सदस्य अपने वेतन में से कुछ राशि निकालते हैं और पूरी खाद्य सामग्री खरीद लेते हैं। किसी एक सदस्य के ही घर में यह भोजन तैयार करते हैं फिर उसे बांटने दोपहिया वाहनों पर निकल जाते हैं।

सेवा के इस कार्य में आगे आया शिक्षक वर्ग भी

शिक्षा जगत से कुछ शिक्षिकाएं भी इस सेवाभावी कार्य में जरूरतमंदों की हर संभव मदद कर रही हैं। एक शिक्षिका जहां अपने घर पर ही सब्जी, पूड़ी तैयार कर बस स्टैंड, बड़ा पुल, इंदिरा चौक आदि स्थानों पर जरूरतमंदों को बांट रही हैं, वहीं कुछ शिक्षिकाएं अपने स्तर पर जरूरतमंदों तक दवाइयां पहुंचा रही हैं।

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