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सागरएक घंटा पहले
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झिला : 9 दिन से गांव में शहरों की तरह सख्ती, हड़ली : 800 गांव की आबादी, फिलहाल कोई संक्रमित नहीं, क्वारेंटाइन लोगों के लिए भोजन का भी प्रबंध है।
- बढ़ते हुए संक्रमण से सबक लेते ग्रामीण सतर्क, गांव सुरक्षित रहे इसीलिए लोगों ने खुद की सख्ती
कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। शहरों के बाद अब यह गांवों में भी तेजी से पैर पसारने लगा है। एक माह पहले तक जहां जिले के 1839 में से 304 गांव में ही कोरोना संक्रमण के केस सामने आए थे, वहीं इनकी संख्या बढ़कर आफ 400 से अधिक हो गई है। ऐसे में ग्रामीण लोग भी इससे सतर्क होने लगे हैं। ग्रामीणों ने कई जगह जनता कर्फ्यू लगा दिया है।
कहीं पर ग्रामीण शिफ्ट बनाकर 24 घंटे पहरेदारी दे रहे हैं तो कहीं पर ग्रामीणों ने बेरिकेड्स लगाकर लोगों को प्रवेश करने से रोका जा रहा है। कई गांव ऐसे भी हैं, जहां बाहर से आने वाले लोगों को सामुदायिक भवन एवं मंगल भवन में क्वारेंटीन कराया जा रहा है। ताकि बाहर से आने वाले लोग यदि संक्रमित हों तो उनसे गांव में संक्रमण न फैले। जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले ने बताया सभी गांव के लोगों से जनता कर्फ्यू की अपील की जा रही है। साथ ही पंचायत कर्मियों को निर्देश हैं कि वे लोगों को समझाकर जनता कर्फ्यू को अमल में लाएं, जिससे गांवों में संक्रमण न फैले।
झिला : 20 दिन पहले निकले थे 2 पॉजिटिव, दोनों स्वस्थ्य, 9 दिन से गांव में शहरों की तरह सख्ती: राहतगढ़ ब्लॉक के झिला गांव की आबादी करीब 4600 है। यहां अप्रैल माह में 2 पॉजिटिव केस सामने आए थे। हालांकि सभी ने कोरोना से जंग जीती और अब वे स्वस्थ्य हैं। 21 अप्रैल को ग्रामीणों ने तय किया कि यहां पर और संक्रमण न फैले लिहाजा जनता कर्फ्यू लगाया जाए। इसी के बाद से यहां का मार्केट पूरी तरह से बंद हैं।
लोगों की अनावश्यक आवाजाही पर भी विराम लगा है। यहां रहने वाले अभिषेक चौबे बताते हैं कि सभी लोगों के सामूहिक प्रयास और ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव की मदद से यह कर्फ्यू लगाया गया, जो शहरों की तरह सख्त है। बीना जनपद के पुरैना गांव के लोगों ने गांव की गलियों में जगह-जगह बांस लगाकर बैरिकेडिंग कर रखी है। ऐसा इसलिए ताकि कोई भी व्यक्ति यहां पर बिना अनुमति के प्रवेश न कर सके। ग्राम पंचायत की पहल पर ग्रामीणों ने जनता कर्फ्यू पर सहमति दी। इसके बाद ही सभी के सहयोग से बैरिकेडिंग जगह-जगह लगाई गई।
सिर्फ जरूरी कार्यों के लिए ही लोगों को गांव से बाहर जाने की अनुमति दी जा रही है। मालथौन ब्लॉक के हड़ली गांव की आबादी 800 है। यहां बाहर से आने वाले लोगों को गांव के ही बाहर बने मंगल भवन में क्वारेंटीन किया जा रहा है। सचिव संतोष विश्वकर्मा ने बताया जो लोग बाहर से लौट रहे हैं, उन्हें यहां पर क्वॉरेंटीन किया जा रहा है। अभी तक करीब 5 लोग लौटकर आ चुके हैं। जो अपना क्वारेंटीन पीरियड भी पूरा कर चुके हैं। वर्तमान में मंगल भवन खाली है परंतु रोजाना इसकी साफ-सफाई की जा रही है।
गंगवारा : फिलहाल एक भी केस नहीं, लोग 8-8 घंटे की शिफ्ट में कर रहे पहरेदारी, ताकि पूरा गांव सुरक्षित रहे
गंगवारा गांव में फिलहाल एक भी केस सामने नहीं आया है। इसके बाद भी यहां पर ग्रामीण सख्ती कर रहे हैं। सचिव विजय सिंह राजपूत ने बताया पंचायत में कुल 4 गांव है। सभी जगह ग्रामीणों के सहयोग से जनता कर्फ्यू लगाया गया है। चारों गांव की आबादी करीब 3500 है। यहां हर गली के मुहानों पर फ्लेक्स लगाकर लोगों को सूचना दी जा रही है कि वे गांव में सीधा प्रवेश न करें। इसके साथ ही गांव के लोग 8-8 घंटे की शिफ्ट में 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं। ताकि बाहर से आ रहे लोग गांव में आकर संक्रमण न फैला दें।