72 घंटे के लिए ऑक्सीजन संकट खत्म: गुजरात और छत्तीसगढ़ से 30 टन लिक्विड ऑक्सीजन मिली

72 घंटे के लिए ऑक्सीजन संकट खत्म: गुजरात और छत्तीसगढ़ से 30 टन लिक्विड ऑक्सीजन मिली


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सागर6 मिनट पहले

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  • जबलपुर से अाए 193 सिलेंडर, चनाटौरिया से दिन भर में 393 सिलेंडर बांटे

जिले में अगले तीन दिन के लिए ऑक्सीजन संकट पूरी तरह खत्म हो गया है। शुक्रवार को गुजरात से 16 टन और छत्तीसगढ़ के भिलाई से 14 टन लिक्विड ऑक्सीजन लेकर दो टैंकर सागर पहुंचे। इनसे 30 टन लिक्विड ऑक्सीजन मिलने से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) व चनाटौरिया स्थित गौरी गैस प्लांट में ऑक्सीजन का पर्याप्त स्टॉक हो गया है। बीएमसी के 11 और 13 टन के दोनों टैंक शुक्रवार शाम फुल हो गए थे। 24 टन ऑक्सीजन स्टोरेज होने से बीएमसी में आने वाले तीन दिन मरीजों को पर्याप्त सप्लाई होती रहेगी।

बीएमसी में अभी रोज 7 टन लिक्विड ऑक्सीजन और 50 सिलेंडर की खपत हो रही है। तो वहीं चनाटौरिया प्लांट में भी 16 टन ऑक्सीजन का स्टोरेज किया गया है। चनाटौरिया के गौरी गैस प्लांट इंचार्ज तहसीलदार सतीश वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को निजी व सरकारी अस्पतालों को डिमांड के मुताबिक पर्याप्त सप्लाई की गई है।

दिन भर में 393 सिलेंडर बांटे गए हैं। इनमें से जिला अस्पताल सागर को 147, जिला अस्पताल टीकमगढ़ को 54, बीएमसी को 50, राहतगढ़ कोविड सेंटर 9, सीएमएचओ को 15, आर्मी अस्पताल को 14, सुकृत को 9, भाग्योदय को 15, चैतन्य को 19, राय को 8, सुयश 12, होम यूजर को 16 और एंबुलेंस व अन्य को करीब 25 सिलेंडर वितरित किए गए।

सप्लाई का रोटेशन बना रहा था तो नहीं होगी किल्लत
नोडल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले ने बताया कि इसी तरह ऑक्सीजन सप्लाई का रोटेशन बना रहा था तो आने वाले दिनों में भी ऑक्सीजन की किल्लत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को निजी अस्पतालों को फोन लगाकर बुलाकर सिलेंडर दिए गए हैं। जबलपुर से भी तीन गाड़ियों से 193 सिलेंडर आए हैं। इमरजेंसी में टीकमगढ़ जिला अस्पताल के लिए भी सागर से 54 सिलेंडर सप्लाई किए गए।

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