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- Morena Came From Delhi By Bus, Now There Is No Bus To Go From Morena To Tikamgarh, They Used To Boulder, The Work Stopped, What Will You Eat, Thinking Of It In The Lockdown
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मुरैना4 मिनट पहले
मुरैना बस स्टेेण्ड में बस न हो�
- काम बंद होने से बेरोजगार श्रमिक, करने लगे पलायन, मुरैना में बसें बंद होने से फंसे
- मुरैना बस स्टेण्ड पर यात्रियों का झुंड, इसी सोच में कि अब, आगे का सफर कैसे हो तय
मुरैना। दिल्ली में बेलदारी करते थे, लॉकडाउन की वजह से काम बंद हो गया, मुरैना तक तो बस से आए गए, लेकिन अब टीकमगढ़ तक जाना है, बस ही नहीं चल रही है। यह कहना है दिल्ली से टीकमगढ़ जाने वाले यात्री कल्याण का। जब उससे पूछा कि अब, कैसे जाओगे तो उसने मजाकिया अंदाज में कहा कि मोदीजी हेलीकॅाप्टर भेजेंगे, उसी से जाएंगे।
सरकार ने बसों का संचालन पूरी तरह से सात मई तक बंद कर दिया है। मुरैना में टोटल लॉकडाउन लगा दिया है। बसें बंद हो जाने से मुरैना बस स्टेण्ड पर बाहर से आने वाले यात्रियों का हुजूम खड़ा था। उसमें कुछ लोग टीकमगढ़ जाने के लिए झांसी वाली बस का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जब उन्हें बताया कि बसें बंद हैं तो उनके माथे पर चिंता की लकीरें उभर आईं।
लॉकडाउन ने बर्बाद कर दिया सब कुछ
टीकमगढ़ जाने वाली श्रमिक महिला मक्खन ने बताया, कि लॉकडाउन ने उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। जब उससे पूछा कि टीकमगढ़ में जाकर क्या करोगी, तो बोली, कुछ भी कर लेंगे, जो मेहनत मजदूरी यहां कर रहे हैं, वहीं कर लेंगे। कम से कम पेट तो भर जाएगा।
घर में खेतीबाड़ी करके पेट तो भर लेंगे
टीकमगढ़ निवासी वैरागी ने बताया, िक टीकमगढ़ में अगर काम नहीं मिला तो दूसरों की खेती बटाई पर लेकर पेट तो भर लेंगे। बच्चे तो पालने ही है। लॉकडाउन का पता नहीं िकतना और बढ़ेगा। हम किसी भरोसे में नहीं रहना चाहते, इसलिए घर जा रहे हैं।
निम्न स्तर के लोगों का बुरा हाल
लॉकडाउन में सबसे अधिक मरना रोज कमाने-खाने वाले श्रमिकों का है। उनके पास इतनी बड़ी बचत नहीं होती है कि, वे इतने अधिक दिनों तक िबना काम के गुजारा कर सकें। लिहाजा दिल्ली, मुंबई व अन्य बड़े शहरों से लोग अपने गांवों की तरफ पलायन कर रहे हैं।