30 दिन में मिले 42 हजार से ज्यादा मरीज: इंदौर में अप्रैल माह 34 हजार स्वस्थ, सबसे ज्यादा 183 मौतें भी; 2 लाख 42 हजार लोगों की जांच हुई

30 दिन में मिले 42 हजार से ज्यादा मरीज: इंदौर में अप्रैल माह 34 हजार स्वस्थ, सबसे ज्यादा 183 मौतें भी; 2 लाख 42 हजार लोगों की जांच हुई


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इंदौर17 मिनट पहले

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इंदौर में सैंपलिंग 10 हजार के आसपास रोजाना हो रही है।

इंदौर में अप्रैल में कोरोना के सबसे अधिक मरीज मिले, वहीं मौत भी सर्वाधिक हुई हैं। इस महीने शहर के तकरीबन सभी अस्पतालों में बेड, आक्सीजन से लेकर इंजेक्शन की किल्लत का सामना मरीजों ने किया। ये सिलसिला अभी भी जारी है। अप्रैल के 30 दिनों में 42 हजार 363 कोरोना मरीज मिले और 185 अधिकृत मौत बताई गई। हालांकि मौत का आंकड़ा इससे काफी अधिक है। इस दौरान 34393 मरीज स्वस्थ हुए और 2 लाख 42 हजार से अधिक लोगों की कोरोना जांच भी इस दौरान हुई।

मई के पहले सप्ताह में कोरोना मरीजों की संख्या में गिरावट की संभावना
संभावना है कि मई के पहले सप्ताह में कोरोना मरीजों की संख्या में गिरावट आ सकती है। बीते 3-4 दिनों से संक्रमण की दर 17 से 18 प्रतिशत के बीच ही चल रही है, जो पहले 22-23 फीसदी तक पहुंच गई थी। पूरे देश में भी अप्रैल के महीने में अधिकांश जगह कोरोना विस्फोट हुआ है। इंदौर में अभी तक 1 लाख 12 हजार 672 कोरोना मरीज मिले हैं, जिनमें से 42 हजार से ज्यादा तो सिर्फ अप्रैल के 30 दिनों में ही मिले। महीने के आखिरी दिन 1832 पॉजिटिव मरीज मिले और 8 लोगों की मौत हुई।

अप्रैल में था 22% संक्रमण को घट कर 17% आ गया
पिछले साल मार्च से कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई थी और उस महीने मात्र 61 मरीज आए थे। उसके बाद पूरे देश में कर्फ्यू और लॉकडाउन घोषित किया गया था। वहीं, अप्रैल में पिछले साल 1452, तो मई में 2026, जून में 1195 मरीज मिले और इस महीने से ही अनलॉक की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। फिर अगस्त में आंकड़ा बढ़ा और 5802 कोरोना मरीज मिले। सितम्बर में भी रफ्तार बढ़ी और ये संख्या 11225 मरीजों तक पहुंच गई। अक्टूबर के महीने में 9644, नवंबर में 8572 के बाद दिसंबर में फिर इंदौर में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी और 12446 मिले।

इस साल जनवरी में संख्या घटकर 2353 पर आ गई थी और फरवरी में भी यह सिलसिला जारी रहा और इस दौरान नए मरीजों की संख्या मात्र 2268 ही रही। 11 लाख 75 हजार मरीजों के टेस्ट कराए जा चुके फिर मार्च से कोरोना की दूसरी लहर शुरू हुई, जिसकी चपेट में इंदौर भी आया और मार्च में 10551 मरीज मिले, लेकिन अप्रैल के महीने ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।

इस पूरे कोरोना काल में सर्वाधिक मरीज 42363 अप्रैल के महीने में मिले। यानी रोजाना औसतन 1200 से 1500 पॉजिटिव मरीज निरंतर मिलते रहे। इंदौर में अभी तक 11 लाख 75 हजार से अधिक कोरोना मरीजों के टेस्ट कराए जा चुके हैं और औसत संक्रमण की दर अगर देखें तो साढ़े 9 प्रतिशत ही है लेकिन अप्रैल के महीने में यह बढ़कर 22-23 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जो अब घटकर 17-18 फीसदी तक आ गई है।

एक्टिव केस की संख्या 12 हजार से नीचे आ गई

शहर में एक तरफ रोजाना कोरोना मरीजों की संख्या में बड़ा इजाफा हो रहा है, वहीं लगातार मरीजों के स्वस्थ होने का सिलसिला भी जारी है। यही कारण है कि अब इंदौर में एक्टिव केस की संख्या 12 हजार से नीचे आ गई है। 30 अप्रैल के कोरोना बुलेटिन के अनुसार इंदौर में 1832 नए पॉजिटिव मामले सामने आए।

10475 सैंपल जांच के लिए भेजे गए और 7284 रैपिड टेस्टिंग सैंपल प्राप्त किए गए। टेस्ट में 8563 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। साथ ही इंदौर में पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 112672 हो गई। शुक्रवार को 8 और लोगों की मौत के बाद अब तक की मौत का आंकड़ा 1147 पर पहुंच चुका था।

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