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बैतूल8 घंटे पहले
हेड कांस्टेबल अशोक ठाकुर को पीपीई किट पहनकर राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी।
मध्यप्रदेश के बैतूल में पुलिस के जांबाज कोरोना योद्धा हेड कांस्टेबल अशोक ठाकुर कोरोना से जंग हार गए। सोमवार-मंगलवार की रात 1.30 बजे उन्होंने जिला शासकीय अस्पताल में अंतिम सांस ली। मंगलवार सुबह कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हुआ। एसपी और अन्य अधिकारी व स्टाफ ने पीपीई किट पहन कर राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी।
हेड कांस्टेबल अशोक ठाकुर।
हेड कांस्टेबल अशोक ठाकुर थाना बोरदेही बैतूल में पदस्थ थे। कोरोना कर्फ्यू में उनकी ड्यूटी महाराष्ट्र बॉर्डर खम्बारा बैरियर पर लगाई गई थी। 8 अप्रैल से हेड कांस्टेबल महाराष्ट्र बॉर्डर पर ही अपनी ड्यूटी कर रहे थे। ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित हुए।
स्वास्थ्य ठीक न होने से कोरोना सैंपल देने के बाद वे होम आइसोलेट हो गए। पॉजिटिव होने पा उन्हें पहले निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिछले तीन दिन से आक्सीजन लेवल कम होने से उन्हें शासकीय अस्पताल बैतूल में भर्ती कराया गया। रात 1.30 बजे कोरोना से जंग लड़ते हुए शहीद हो गए। उनकी पत्नी भी कोरोना की चपेट में आ गई है।
निजी अस्पताल में भर्ती है। मंगलवार सबह 11 बजे करबला घाट पर प्रधानआरक्षक का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ पीपीई कीट पहनकर किया गया। एसपी सिमाला प्रसाद ,उप अधीक्षक श्रद्धा जोशी, डीएसपी विवेक कुमार, कोतवाली टीआई संतोष पंद्रे, ट्रैफिक टीआई अनुराग, प्रकाश, सुबेदार संदीप सुनेश, प्रभास सिलावट अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
बेहतरीन पुलिसकर्मियों में गिने जाते थे हेड कांस्टेबल
एसपी सिमाला प्रसाद ने बताया हेड कांस्टेबल शोक ठाकुर बेहतरीन पुलिसकर्मियों में से एक थे। कोरोना कर्फ्यू में उनकी डयूटी महाराष्ट्र बॉर्डर पर लगी थी। पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण से ग्रसित थे। रात में उनका निधन हो गया। कोरोना प्रोटोकाॅल के तहत अंतिम संस्कार कराया गया।