फैमिली में 4 से 5 लोग है और बजट कम है तो आप आल्टो, स्विफ्ट या टाटा टिआगो जैसी कारों का चुनाव कर सकते हैं.
नई कार की खरीदी करते वक्त कार की डाउनपेमेंट और ईएमआई को अपने बजट के अनुसार ध्यान में रखना चाहिए.
यह भी पढ़ें : कोरोना की वजह से इस शेयर से निवेशक हुए मालामाल, एक साल की कमाई जानकार हैरान रह जाएंगे आप ऑनलाइन, परिचितों या डीलर से जानकारी हासिल करें किसी भी नई कार को खरीदते वक्त सिर्फ कार के लुक या डिज़ाइन को देख कर चुनाव न करें. कार को लेने से पहले उसके बारे में जानकारी ले लें. जो कार आप लेना चाहते है उसके बारे में ऑनलाइन, परिचितों या डीलर आदि से जानकारी ले सकते हैं. कार में मेंटनेंस के खर्चों, उसकी एक्सेसरीज और माइलेज के बारे में जानकारी प्राप्त करें. कार का इस्तेमाल बहुत कम हैं तो पेट्रोल कार सही चुनाव पेट्रोल कार का चुनाव करें की डीजल कार का? ये सवाल भी आपको कंफ्यूज कर सकता है. भारत में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों ज्यादा अंतर देखने को नहीं मिलता. जबकि कुछ साल पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 30 रुपए तक का अंतर देखने को मिलता था. आपको कार खरीदते वक्त यह भी ध्यान में रखना होता है की डीजल कार के दाम पेट्रोल कार के मुकाबले ज्यादा होते हैं और इसमें मेंटेनेंस का खर्च भी ज्यादा आता है. अगर आपको लगता है कि आप कार का इस्तेमाल बहुत कम करने वाले हैं तो पेट्रोल कार सही चुनाव होगा. वहीं अगर आप डेली कार को 70 से 100 किलोमीटर तक चलाते हैं तो डीजल कार आपके लिए सही रहेगी. डीजल कारें व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए बेहतर विकल्प होती हैं. यह भी पढ़ें : Success Story : माता-पिता की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ टीपीए बिजनेस किया, अब 3000 करोड़ का पोर्टफोलियो टेस्ट ड्राइव में कार की हैंडलिंग, सस्पेंशन, स्टीयरिंग कमांड आदि को परखें टेस्ट ड्राइव लेते वक़्त आप अपने दिमाग में 2 से 3 कारों का चयन करें. टेस्ट ड्राइव करते वक्त कार की हैंडलिंग, सस्पेंशन, स्टीयरिंग कमांड, ब्रेकिंग कंट्रोल और माइलेज पर पूरा ध्यान रखें. कार को टेस्ट ड्राइव करते वक़्त आप कार को अच्छी और खराब सड़क दोनों पर टेस्ट करें. जब आपको टेस्ट ड्राइव से पूरी तसल्ली मिल जाये तब ही अपनी ड्रीम कार का चुनाव करें.