ये कैसा मेडिकल कॉलेज: रतलाम में दहलीज पर तड़पते हुए मरीज ने तोड़ा दम; बेड खाली नहीं होने की वजह से नहीं किया गया इलाज

ये कैसा मेडिकल कॉलेज: रतलाम में दहलीज पर तड़पते हुए मरीज ने तोड़ा दम; बेड खाली नहीं होने की वजह से नहीं किया गया इलाज



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रतलामएक घंटा पहले

रतलाम मेडिकल कॉलेज की दहलीज पर तड़पते मरीज ने तोड़ा दम।

रतलाम मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को एक बार फिर बेड नहीं मिलने की वजह से एक और कोरोना संदिग्ध मरीज ने गेट पर ही दम तोड़ दिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन मरीज को आलोट से रतलाम के मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे लेकिन दो घंटे से अधिक समय तक मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर दो पर यह मरीज और उसके परिजन प्राथमिक उपचार शुरू करने की गुहार लगाते रहे।

बेड खाली नहीं होने का हवाला देकर इस मरीज को हॉस्पिटल के अंदर ही नहीं लिया गया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के गेट पर ही बेड मिलने के इंतजार में मरीज की मौत हो गई। मरीज की स्थिति अधिक गंभीर होने पर कुछ नर्सेस ने उसकी नब्ज देखी और फिर से भीतर चली गई।

गौरतलब है कि रतलाम मेडिकल कॉलेज में बेड नहीं मिलने की वजह से कल भी एडवोकेट सुरेश डांगर की सड़क पर ही मौत हो गई थी। वही एक बार फिर मेडिकल कॉलेज परिसर से मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आई है। जहां प्राथमिक उपचार के अभाव में ही एक मरीज ने दम तोड़ दिया। यही नहीं परिवार वालों का आक्रोश बढ़ता देख मरीज के शव को 108 एंबुलेंस से किसी अन्य अस्पताल में ले जाने के लिए रवाना कर दिया गया।

बहरहाल मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन वाले बेड की कमी को देखते हुए स्थानीय विधायक ने 70 बेड के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर युक्त वार्ड की व्यवस्था चैतन्य फाउंडेशन से की थी। बावजूद इसके मेडिकल कॉलेज के एंट्री गेट पर ही गंभीर स्थिति में पहुंच रहे मरीजों को दो-दो घंटों तक बेड के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। परिवार वालों ने बताया कि जिसका ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो जाने की वजह से उसे आलोट से लेकर पहुंचे थे। वहां मौजूद एक अन्य मरीज के परिजन ने वीडियो बनाया है। परिवार वालों के चले जाने की वजह से मरने वाले के संबंध में अधिक जानकारी नहीं मिल सकी।

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