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- Initial Investigations Found The Head Injury To Be The Cause Of The Tiger’s Death In Balaghat; Cause Of Death Could Not Be Clear Yet
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बालाघाट8 घंटे पहले
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नहर किनारे मिला बाघ का शव।
बालाघाट जिले के वारासिवनी वन परियोजना अंतर्गत ग्राम खड़गपुर अंसेरा के वन कक्ष क्रमांक 543 में शुक्रवार को नहर किनारे एक व्यस्क बाघ का शव ग्रामीणजनों द्वारा देखा गया। विभाग को सूचना देने के उपरांत मौके पर पहुंचे वन अमले ने शव बरामद किया।
विभागीय तौर पर जानकारी के अनुसार राजीव सागर परियोजना बायीं तट मुख्य नहर अमई-खड़गपुर के बीच नहर में बाघ का शव पड़ा था। ग्रामीणों के साथ ही चौकीदार चोहराम ने शव देखा। शनिवार सुबह पीएम के बाद बाघ का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रारंभिक रूप से उसके सिर में चोट होने की बात सामने आई है।
डिप्टी रेंजर गोविंद वासनिक ने बताया कि विभागीय तौर पर जांच की जा रही है। हालाकि कान्हा रिजर्व से नेशनल टाइगर कंजेवेशन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर मौके पर बाघ के शव के अवयवों का परीक्षण करेगी। इधर शव का पंचनामा कर पीएम के बाद मामला जांच में लिया गया। अभी तक यह स्पष्ट नही हो सका है कि आखिर बाघ की मौत कैसे हुई।
वन विकास निगम के महाप्रबंधक शोभित मोहिवाल ने बताया कि मौके का निरीक्षण किया गया। कान्हा पार्क से डॉक्टर के दल ने पोस्टमार्टम किया है। बाघ वारासिवनी परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 530 में विचरण करता था। बाघ का पीएम शनिवार सुबह कान्हा के डॉक्टरों की टीम ने किया। प्रारंभिक रूप से उसके सिर के पास चोट के निशान होने का अंदेशा बताया जा रहा है। पीएम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।