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बैतूल21 मिनट पहले
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अस्पताल के बाहर खड़ा पति विनोद चिकाने।
कोरोना में मजदूर पति लाजारी: संक्रमित पत्नी का इलाज कराने ढ़ाई लाख में बेचा कच्चा मकान, अब मुफ्त के अस्पताल में किया शिफ्ट, बैतूल के सारनी का मामला
बैतूुल। मप्र के बैतूल में कोरोना काल में एक मजदूर पति की लाचारी सामने आई। कोरोना पीड़ित पत्नी के इलाज कराने के लिए पति ने अपना कच्चा मकान ढ़ाई लाख रुपए बेच दिया। लेकिन उसकी बेबसी यहीं नहीं रूकी। पैसा खत्म होने पर उसने निजी अस्पताल से पत्नी को डिस्चार्ज कर मुफ्त में इलाज करने वाली श्री ओम आयुर्वेदिक चिकित्सालय में भर्ती करना पड़ा। अब कोरोना संक्रमित पत्नी का मुफ्त में इलाज कराकर उसके स्वस्थ होने की भगवान से दुआ मांग रहा है।
मामला पत्थर और कोयले की खदानों में ठेकेदारों के पास मजदूरी करने वाले 56 वर्षीय विनोद चिकाने का है। जो मूल रूप से मुलताई के खतेड़ाकला मूल निवासी है। कुछ वर्षों से बगडोना आकर मजदूरी कर रहा है। वे बगडोना के पास टट्टा कॉलोनी उसका छोटा कच्चा मकान है। पत्नी सुमित्रा चिकाने (55) को सांस लेने में तकलीफ होने पर 17 दिन पहले घोड़ाडोंगरी के सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें लश्करे हॉस्पिटल बैतूल में 26 अप्रैल को भर्ती कराया। विनोद बताते हैं यहां इलाज के दौरान लगभग 3 लाख रुपए का बिल बना। इसे चुकाने के लिए उन्हें टट्टा कॉलोनी में बना मकान ढाई लाख रुपए में बेचना पड़ा। रुपए खत्म होने के बाद रविवार सुबह विनोद को किसी ने बताया श्री ओम आयुर्वेदिक चिकित्सालय में कोरोना मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। उन्होंने संस्थान के डॉ. संदीप पाल से संपर्क किया तो उन्होंने बेड उपलब्ध करवाकर भर्ती करवाया। मरीज की स्थिति ठीक है ऑक्सीजन लेवल 93 पर आ गया है।
भगवान के पत्नी के स्वस्थ होने की मांग रहा दुआ
पति विनोद ने बताया पत्नी का इलाज ओम आयुर्वेदिक कॉलेज में चल रहा है। भगवान से दुआ कर रहा हूं कि वह जल्दी स्वस्थ हो जाएं।