- Hindi News
- Local
- Mp
- Gwalior
- Morena
- Neither Meter Nor Safety Equipment, Gross Negligence On The Oxygen Plant Present In The District Hospital, Not Even Ward Boy, The Family Carrying Cylinders Loaded On The Shoulder
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
मुरैना25 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
ऑक्सीजन प्लान्ट से सिलेण्डर में आक्सीजन भरवाते परिजन, फिर उसे कंधे पर लादकर ले जाते हुए
- ऑक्सीजन प्लान्ट पर अवैध रुप से ऑक्सीजन रिफलिंग कर, कर रहे घोर लापरवाही
- कोरोना संक्रमित मरीजों के परिजन परेशान, कंधे पर ढो रहे ऑक्सीजन सिलेण्डर
मुरैना। जिला अस्पताल में एक तरफ ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई है। दूसरी तरफ अव्यस्थाओं ने मरीजों के परिजनों को मुसीबत में डाला हुआ है। मेडीकल वार्ड में वार्ड बॉय नहीं है, जिसकी वजह से परिजन ऑक्सीजन के सिलेण्डर कंधे पर लादकर प्लान्ट पर जाकर भरवाने को मजबूर है। अब, दूसरा हाल देखिए प्लान्ट का, जो अपने आपमें बारूद का ढेर बना हुआ है। वहां सिलेण्डरों में ऑक्सीजन भरने वालों के पास न तो मीटर है जिससे वह नाप सकें कि कितनी गैस सिलेण्डर में भरी है और कितना खाली है। यह लोग परिजनों से पैसे लेकर अवैध रुप से उनके सिलेण्डरों में ऑक्सीजन भर रहे हैं। दूसरा, न ही उनके पास कोई सुरक्षा उपकरण है, अगर कोई दुर्घटना हो जाए, तो बचा कैसे जा सके। फिलहाल पहले चोरी और फिर उस पर लापरवाही हो रही है। अगर जल्दबाजी में या गलती से किसी सिलेण्डर में अधिक ऑक्सीजन भर गई, और सिलेण्डर फट गया, तो पूरी इमारत को गिरा देगा। इस बात का अंदाजा शायद रिफलिंग करने वाले कर्मचारियों को नहीं है।
ऑक्सीजन प्लान्ट पर ऑक्सीजन भरवाते लोग
कैसे छुट्टी पर जाने दिया वार्ड बाॅय को
इस समय कोरोना वायरस के चलते जिले में आपात काल लगा हुआ है। किसी भी डॉक्टर व नर्सिंग स्टॉफ को अवकाश पर जाने की पात्रता नहीं है। इसके बावजूद मेडीकल वार्ड के वार्ड बॉय अवकाश पर चले गए, यह जांच का विषय है, इस पर अस्पताल प्रशासन को सख्त एक्शन लेना चाहिए। लेकिन अस्पताल प्रशासन इस बात को लेकर मौन साधे बैठा है।
जिला अस्पताल के पीछे बना ऑक्सीजन प्लान्ट
मरीज को देखें, कि सिलेण्डर भरवाएं
अस्पताल में मरीजों के अटेण्डर वैसे ही बहुत परेशान हैं। वे कभी दवाई लेने के लिए भागते हैं तो, कभी किसी अन्य सामान के लिए। ऐसे में ऑक्सीजन सिलेण्डर को भरवाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर लाद दी गई है। बेचारे, बेबस होकर यह काम भी करने को मजबूर हैं।
इस संबंध में जब सिविल सर्जन डॉ. अशोक गुप्ता से बात की तो उन्होंने बड़ी लापरवाही से जवाब दिया कि, एक वार्ड बॉय छुट्टी पर चला गया है। इस विषय में कलेक्टर बक्की कार्तिकेयन का कहना है कि हमारे अस्पताल में मौजूद ऑक्सीजन प्लान्ट पर रिफलिंग की पात्रता नहीं है। जहां तक वार्ड बॉय के अवकाश पर जाने का सवाल है, मैं इस मामले को दिखवाता हूं।