हिमाचल प्रदेश के अुर्जन की शानदार उपलब्धि: विजय हजारे ट्राॅफी खेलने के बाद घर पंहुचा क्रिकेटर, ऑलराउंडर परफॉर्मेंस से बनाई फर्स्ट क्लास क्रिकेट में जगह

हिमाचल प्रदेश के अुर्जन की शानदार उपलब्धि: विजय हजारे ट्राॅफी खेलने के बाद घर पंहुचा क्रिकेटर, ऑलराउंडर परफॉर्मेंस से बनाई फर्स्ट क्लास क्रिकेट में जगह


  • Hindi News
  • Local
  • Himachal
  • After Playing Vijay Hazare Trophy, Cricketer Arjun Sharma Reached Home In Jawalamukhi, Himachal Pradesh

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

ज्वालामुखी2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

क्रिकेटर अर्जुन शर्मा।

कहावत है कि ‘पूत के पांव पालने में’ ही दिख जाते हैं। यह शब्द उस हरफनमौला क्रिकेट खिलाड़ी पर बिल्कुल स्टीक बैठते हैं, जिसने अपने माता-पिता की उंगली पकड़ कर चलने की उम्र में अपने हाथ मे क्रिकेट बैट पकड़ लिया और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया हो।

हिमाचल के जिला कांगड़ा में मां ज्वाला जी की नगरी में रहने वाले प्रवीण शर्मा मां मधु शर्मा के घर जन्मे बाएं हाथ के बल्लेबाज व स्पिन गेंदबाज ऑलराउंडर क्रिकेट खिलाड़ी अर्जुन शर्मा ने यह करिश्मा कर दिखाया है। उन्होंने हाल ही में कलकत्ता में विजय हजारे रणजी ट्रॉफी खेली और बंगाल बनाम सर्विसिज के मैच में ऑलराउंडर परफॉर्मेंस देखकर सभी को चौंका दिया।

अर्जुन शर्मा ने बताया कि उन्होंने मां ज्वाला जी से मन्नत मांगी थी कि जब वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करेंगे तो मां के चरणों में हाजिरी लगाने जरूर आएंगे। लेकिन कोरोना महामारी का असर क्रिकेट टूर्नामेंट पर हुआ और कई क्रिकेट प्रतियोगिताएं स्थगित हो गई हैं। इसके चलते वे अपने घर लौट आए और क्योंकि उनकी मन्नत पूरी हो गई है, इसलिए उन्होंने मां का आभार जताया।

इंडिया टीम में बेटे को देखने का है मां का सपना

अर्जुन की मां मधु शर्मा ने बताया कि 10 साल की उम्र में वह धर्मशाला क्रिकेट अकेडमी में अर्जुन को छोड़ने गई तो उसका रो-रो कर उनका बुरा हाल था। वह अपने बेटे को पढ़ाकर बड़ा अफसर बनाना चाहती थी, लेकिन पिता प्रवीण शर्मा के मार्गदर्शन व मां ज्वाला के आर्शीवाद से नियति को कुछ और ही मंजूर था। क्रिकेट की दुनिया में अर्जुन ने कदम रखा और एयरफोर्स की सर्विसिज की टीम से फर्स्ट क्लास किक्रेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। अब मेरा सपना बेटे को इंडियन टीम में और IPL में खेलते देखने का है।

अर्जुन का अब तक का बेहतरीन रिकाॅर्ड

वर्ष 2006 में एचपीसीए धर्मशाला में क्रिकेट अकेडमी से शुरुआत वर्ष 2010-11-12 में विजय मर्जेंट नेशनल अंडर-16 में मात्र 6 मैचों में 17 विकेट लिए वर्ष 2011-12-13 में बीसीसीआई स्पेशलिस्ट अकेडमी में चुनाव वर्ष 2013-14 में पहली बार सैयद मुश्ताक अली रणजी ट्रॉफी टी-20 में चुनाव वर्ष 2014-15 में बीसीसीआई जोनल क्रिकेट अकेडमी में चुनाव वर्ष 2014-15 में कैप्टन अंडर-19 विनू माकंड ट्राफी वन-डे और कूच बिहार ट्रॉफी हिमाचल की टीम में चुनाव वर्ष 2014-15 में दूसरी बार सैयद मुश्ताक अली रणजी टॉफी टी-20 एचपीसीए टीम में चुनाव वर्ष 2015-16-17 कर्नल सी के नायडू ट्रॉफी अंडर-23 में चुनाव वर्ष 2016-17 वर्ल्ड कप टी-20 विद ओमान हांगकांग और जिम्बॉबवे धर्मशाला में प्रैक्टिस मैच खेले वर्ष 2016-17 कैप्टन ऑल इंडिया जेपी अत्रे मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट टीम में चुनाव वर्ष 2017-18 कैप्टन कर्नल सी के नायडू ट्रॉफी अंडर-23 खेली वर्ष 2017 में अर्जुन शर्मा ने एयरफोर्स में ज्वॉइन की वर्ष 2018-19 में सर्विसिज की टीम से रणजी ट्रॉफी विजय हजारे के लिए डेब्यू मैच खेला वर्ष 2018-19 में टी-20 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी सर्विसिज की टीम से डेब्यू मैच खेला। वर्ष 2019-20 में अर्जुन ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट मैच खेल में खेलते हुए डेब्यू मैच सर्विसिज़ के लिए खेला वर्ष 2021 में सर्विसिज की टीम से विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल की टीम के खिलाफ मैच खेला

खबरें और भी हैं…



Source link